Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

”मुझ पर हमला करने वाले को ही प्रतिनिधि बना दिया ‘दाता संदेश’ ने”

हमारा समाज पत्रकार से यह अपेक्षा करता है कि विकृतियों को उजागर कर इंसाफ के बुझते चिराग को जलाये रखेंगे। तमाम बाधाओं से संघर्ष करते पत्रकार ऐसा करने में जरा भी नहीं हिचकते। लेकिन खामियाजा के तौर पर उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होती है। उन पर जान लेवा हमले होते हैं। लेकिन वह कानून की लड़ाई में विश्वास रखते अपराधियों से जूझता है। मीडिया संस्थान भी अपने प्रतिनिधि की लड़ाई में साथ देता है। अन्तोगत्वा अपराधियों को मुंह की खानी होती है। और वे पुनः मीड़िया कर्मी पर वार करने से कतराते हैं। लेकिन आज आर्थिक लाभ का दौर चल पड़ा है। कुछ मीड़िया संस्थान भी इससें अछूते नहीं हैं। वे अपने लाभ के लिए अपने प्रतिनिधि को जमींदोज करने से जरा भी परहेज नहीं रखते।

हमारा समाज पत्रकार से यह अपेक्षा करता है कि विकृतियों को उजागर कर इंसाफ के बुझते चिराग को जलाये रखेंगे। तमाम बाधाओं से संघर्ष करते पत्रकार ऐसा करने में जरा भी नहीं हिचकते। लेकिन खामियाजा के तौर पर उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होती है। उन पर जान लेवा हमले होते हैं। लेकिन वह कानून की लड़ाई में विश्वास रखते अपराधियों से जूझता है। मीडिया संस्थान भी अपने प्रतिनिधि की लड़ाई में साथ देता है। अन्तोगत्वा अपराधियों को मुंह की खानी होती है। और वे पुनः मीड़िया कर्मी पर वार करने से कतराते हैं। लेकिन आज आर्थिक लाभ का दौर चल पड़ा है। कुछ मीड़िया संस्थान भी इससें अछूते नहीं हैं। वे अपने लाभ के लिए अपने प्रतिनिधि को जमींदोज करने से जरा भी परहेज नहीं रखते।

मामला मुझसे जुड़ा हुआ है। मैं संजीव दुबे सिरसागंज का निवासी हूं। आगरा से प्रकाशित दैनिक दाता संदेश का सिरसागंज में स्थानीय प्रतिनिधि था। मुझ पर बीते 18 मार्च को कुछ नामजद लोगों ने हमला किया। मेरे साथ मारपीट कर कैमरा आदि छीन ले गये। मेरी शिकायत पर पुलिस ने रवि गुप्ता, प्रवेश गुप्ता, राघवेश एवं 4-5 अन्य के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज भी किया था। लेकिन ये सभी अपराधी राजनैतिक एवं आर्थिक रूप से काफी मजबूत हैं। इस प्रभाव के चलते पुलिस ने काफी समय तक कार्रवाई नहीं की। जब मेरे साथी पत्रकारों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए 22 अप्रैल को प्रवेश के खिलाफ मामूली सी धारा 151 के तहत कार्रवाई करके मामले की इतिश्री कर दी।

इससे भी कई कदम आगे बढ़ाते हुए समाचार पत्र के संपादकीय विभाग ने ऐसा कार्य किया जिस पर जितनी थू-थू की जाय कम ही है। जिस दिन मुझ पर हमला हुआ था, उसी दिन मेरे संस्‍थान ने एक आरोपी राघवेश को अपने अखबार का प्रतिनिधि बना दिया। और मुझे बिना कारण बताये अपने संस्थान से हटा दिया। निश्चित ही सब कुछ मीडिया संस्थान ने आर्थिक लाभ के लिये किया होगा। यह मीडिया के लिये गलत संदेश है, जो पत्रकार अपनी जान पर खेल कर अपने संस्थान को नम्बर बन पर लाने के लिए विषम परिस्थितियों से जूझते खबर जुटाता है। यह जानते हुये भी कि आहत पक्ष उसके और उसके परिवार के साथ अनहोनी कर सकता है। उसके साथ उसका ही संस्‍थान ऐसी हरकत करेगा, फिर तो पत्रकार किसी के खिलाफ कभी खबर भी नहीं लिखना चाहेगा। तब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का क्या मतलब। मीडिया की निष्पक्षता पर कौन विश्वास करेगा।

संजीव दुबे

पूर्व संवाददाता
दाता संदेश
सिरसागंज, फिरोजाबाद
मो0-09457730821

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...