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गाजीपुर

मैं जिन्‍दा हूं…गाजीपुर में विधवा ने लगाई गुहार

गाजीपुर में आज अचानक एक मुर्दा खुद को जिन्‍दा घोषित कराने पहुंच गया सरकारी कार्यालय। जी हां, मै जिन्‍दा हूं का नारा लगाते हुए एक विधवा पहुच गई जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय। अभिलेखों में घोषित मृतक विधवा ने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रोवेशन कार्यालय पहुंची और गुहार लगायी कि मैं जिन्दा हूं। मेरे बच्चों पर रहम करके मुझे जिन्दा करो। इस प्रकार की मार्मिक अपील में विधवा का साथ सामाजिक संस्था समग्र विकास इण्डिया के कार्यकर्ताओं ने देते हुये दोषियों पर कार्यवाही की मांग की।

गाजीपुर में आज अचानक एक मुर्दा खुद को जिन्‍दा घोषित कराने पहुंच गया सरकारी कार्यालय। जी हां, मै जिन्‍दा हूं का नारा लगाते हुए एक विधवा पहुच गई जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय। अभिलेखों में घोषित मृतक विधवा ने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रोवेशन कार्यालय पहुंची और गुहार लगायी कि मैं जिन्दा हूं। मेरे बच्चों पर रहम करके मुझे जिन्दा करो। इस प्रकार की मार्मिक अपील में विधवा का साथ सामाजिक संस्था समग्र विकास इण्डिया के कार्यकर्ताओं ने देते हुये दोषियों पर कार्यवाही की मांग की।

यूपी के गाजीपुर जिले के मनिहारी विकास खण्ड के लोहिया ग्राम निवासिनी सुगेन्दरी विन्द अपने हाथों में तख्ती लिये जिला प्रोवेशन अधिकारी गुलाब राम के पास पहुंची। तख्ती पर लिखा था, मैं जिन्दा हूं। साथ में मतदाता पहचान पत्र, पास बुक की भी छाया प्रति चस्पा थी। सुगेन्दरी के साथ उपस्थित जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि दस वर्षों से विधवा, स्व0 सुखारी बिन्द की पत्नी सुगेन्दरी को अभिलेखों में वर्षों पूर्व मृत घोषित कर उसकी विधवा पेन्शन रोक दी गयी। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने जब अभिलेखीय परीक्षण कराया तो ज्ञात हुआ कि खण्ड विकास अधिकारी मनिहारी ने अपने पत्रांक 87 दिनांक 17 मई 2012 के अनुसार लाभार्थी को मृत दिखाया है। साक्षात मृतक को जिन्दा देख व अभिलेखीय परीक्षण कर सुगेन्दरी को जिन्दा कर दिया गया तथा उसकी पेन्शन पुनः काशी गोमती ग्रामीण बैंक बुजुर्गा के एकाउण्ट नं0 313332020009058 में प्रेषित करने का आदेश दिया।

जिले के वरिष्‍ठ समाजसेवी ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि जिन्दा व्यक्ति को मृतक घोषित करना आपराधिक कृत्य है। पूरा मामला जिलाधिकारी को सन्दर्भित करते हुये कार्यवाही की मांग करूंगा। उनके संगठन द्वारा अब तक लगभग ढाई दर्जन मृतकों को जिन्दा कराया जा चुका है। उन्होने आरोप लगाया कि लगभग 34 हजार महिलाओं को विधवा पेन्शन प्राप्त होता है। लक्ष्‍य न होने के कारण अन्य लाभार्थियों को पेन्शन नहीं मिल पाता इसलिये विभागों से मिले दलाल सांठ-गांठ करके लाचार लोगों को कागज में मृतक दिखाकर किसी अन्य का पेन्शन जारी करा देते हैं। यह एक प्रकार का रैकेट है जिसके खिलाफ तमाम साक्ष्य होने के बाद भी कोई कार्यवाही न करना जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

— गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, संपर्क- 09415280945

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