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मैग्जीन ‘पांचवां स्तंभ’ की पांचवीं वर्षगांठ पर गोष्ठी में जुटे दिग्गज

26 नवम्बर को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित मदन मोहन मालवीय स्मारक संस्थान के सभागार में ‘साथी’ (सोशल एक्शन थ्रू इंटिग्रेटेड नेटवर्क) की ओर से प्रकाशित पत्रिका पाँचवाँ स्तम्भ की पाँचवीं वर्षगांठ पर पत्रिका की पाँच वर्षों की यात्रा का लेखा-जोखा लेने के लिए ‘पाँचवाँ स्तम्भ -पाँच वर्ष’ शीर्षक एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पत्रकारिता जगत से संबंध रखने वाले व राज्य सभा के सदस्य श्री चंदन मित्रा उपस्थित थे।

26 नवम्बर को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित मदन मोहन मालवीय स्मारक संस्थान के सभागार में ‘साथी’ (सोशल एक्शन थ्रू इंटिग्रेटेड नेटवर्क) की ओर से प्रकाशित पत्रिका पाँचवाँ स्तम्भ की पाँचवीं वर्षगांठ पर पत्रिका की पाँच वर्षों की यात्रा का लेखा-जोखा लेने के लिए ‘पाँचवाँ स्तम्भ -पाँच वर्ष’ शीर्षक एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पत्रकारिता जगत से संबंध रखने वाले व राज्य सभा के सदस्य श्री चंदन मित्रा उपस्थित थे।

श्री चंदन मित्रा ने पाँचवाँ स्तम्भ के पिछले पाँच वर्षों के संपादकीयों के संकलन की पुस्तक ‘विकास का विश्वास’ का विमोचन भी किया। स्वतंत्र पत्रकार श्री अवधेश कुमार, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री गौरीशंकर राजहंस तथा बेतिया (बिहार) की विधायिका व बिहार की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेणुका देवी मुख्य वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे। शंखध्वनि से शुभारंभ हुए उत्सव में पंडित द्वारा स्वस्ति वाचन हुआ। समृद्धि और अनुष्का द्वारा सरस्वती वंदना हुई।

सबसे पहले ‘साथी’ की अध्यक्ष व ‘पाँचवाँ स्तंभ’ पत्रिका की संपादक वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मृदुला सिन्हा ने साथी संस्था के संस्थापन की आवश्यकता और पत्रिका प्रारंभ किये जाने की ज़रूरत पर प्रकाश डालते हुए पत्रिका की पिछले पाँच वर्षों की यात्रा के दौरान आने वाले अनुभवों व कठिनाइयों से परिचित करवाया। साथ ही उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में भी पत्रिका को सभी का स्नेह इसी रूप में मिलता रहेगा। तत्पश्चात श्रीमती संगीता शाही ने ‘साथी’ की ओर से पिछले पाँच वर्षों के दौरान आयोजित कार्यक्रमों का एक संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बतलाया कि संस्था की ओर से 15 गांवों में वाचनालय/पुस्तकालय स्थापित किये जाने की योजना बनाई गई हैं। वर्ष में एक बार ‘स्वैच्छिक कार्य सप्ताह’ तथा ‘परिवार दिवस’ का आयोजन किये जाने की संस्था की योजना से भी उन्होंने उपस्थित सुधी श्रोताओं को परिचित कराया।

श्री चंदन मित्रा ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए पत्रिका के पाँच वर्ष पूरे करने पर बधाई देते हुए कहा कि आज जब हम अपने संस्कारों को भूलकर अपनी जीवन शैली को बदलते चले जा रहे हैं, ऐसे समय ‘पाँचवाँ स्तंभ’ जैसी पत्रिका की भूमिका और भी अहम हो उठती है। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ काम करने वाली संस्थाओं को समाज से परिचय कराने और परिणामतः समाज के एक सकारात्मकता का प्रसार करने की दृष्टि से इस पत्रिका का महत्वपूर्ण योगदान है। स्वैच्छिक क्षेत्र की संस्थाओं को भी लोकपाल के दायरे में लाने की ज़रूरत पर भी उन्होंने अपने वक्तव्य में बल दिया। इनका मानना था कि विकास कार्य में सरकार के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं भी अच्छा कार्य कर रही हैं।

स्वतंत्र पत्रकार श्री अवधेश कुमार ने आज संचार क्रांति के कोलाहल के बीच ‘पाँचवाँ स्तम्भ’ को एक सुकून प्रदान करने वाली पत्रिका बतलाते हुए पाँच सफल वर्षों के लिए पत्रिका परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज स्वार्थ और स्पर्धा कें युग में ‘पाँचवाँ स्तंभ’ जैसी पत्रिका एक अलग प्रकार की सुगंधि से व्याप्त है, जो मनुष्य के स्वाभाविक संस्कारों के सदभाव की सरिता का प्रवाह करती है। उन्होंने कहा कि आज नब्बे प्रतिशत स्वयंसेवी संस्थाएं अनुदान के लिए काम करती हैं। उनमें स्वैच्छिकता का अभाव हो गया है। मृदुला सिन्हा व्यक्तिगत और पाँचवाँ स्तंभ पत्रिका का प्रयास रंग ला सकता है।

श्री गौरीशंकर राजहंस जी ने पाँचवाँ स्तंभ पत्रिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज बहुत सी पत्रिकाएं रंगबिरंगे विज्ञापनों से भरी रहती हैं। उनमें पढ़ने के लिए कुछ नहीं रहता, वहीं पाँचवाँ स्तंभ पत्रिका में सकारात्मक विचार और समाचार ही रहता है, विज्ञापन नहीं यह पत्रिका आगे भी इसी स्वरूप में चलती रहनी चाहिए। हम सबको इसके विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाँचवाँ स्तंभ की ओर से सामाजिक समस्याओं पर छोटी-मोटी गोष्ठियां भी आयोजित होती रहनी चाहिए।

उत्सव में उपस्थित विद्वतजनों में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रामकृपाल सिन्हा, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ केदार नाथ साहनी, वरिष्ठ अनुभवी पत्रकार रामबहादुर राय भी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन साथी की कोषाध्यक्ष सामाजिक और राजनैतिक कार्यकत्री श्रीमती सिम्मी जैन ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन पाँचवाँ स्तंभ पत्रिका की प्रबंध संपादक श्रीमती संगीता शाही ने किया। 

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