एक प्रेस रिलीज जारी हुई है. इसमें दैनिक जागरण, नोएडा के मुख्य महाप्रबंधक निशिकांत ठाकुर को प्रसिद्ध पत्रकार बताया गया है. बाजारवादी समाज में यही सब होगा. मार्केटियरों को महान साबित किया जाएगा और जो जेनुइन लोग होंगे उन्हें कोई पूछने वाला न रहेगा. कोई बताए कि निशिकांत ठाकुर कब से प्रसिद्ध पत्रकार हो गए? पढ़िए ये प्रेस रिलीज–
प्रेस रिलीज
सादर
आदरणीय महोदय/महोदया
हिंदी का वैश्विक आयोजन, 10वां अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव, आज 10 जनवरी 2012 को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सभागार आजाद भवन, आई.टी.ओ में प्रारंभ हो रहा है। इस कार्यक्रम मे भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डॉ. कर्ण सिंह, श्री सुरेश गोयल (महानिदेशक, आई.सी.सी.आर.), भारत में फिजी के राजदूत श्री योगेश कर्ण, हिंदी के प्रख्यात विद्वान डॉ. नामवर सिंह, डॉ. वेदप्रताप वैदिक, अशोक चक्रधर, डॉ. रत्नाकर पांडेय, डॉ. एस.एन. सिंह और प्रमुख डायसपोरा देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। आज के कार्यक्रम का थीम है, हिंदी की वैश्विक भूमिका। विश्व हिंदी दिवस पर होने वाला यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस उत्सव में लगभग 10 देशों से प्रवासी रचनाकार और विद्वान भाग ले रहे हैं। इस उत्सव का आयोजन प्रवासी दुनिया के तत्वावधान में अक्षरम और हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। उत्सव को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और विष्णु प्रभाकर समिति द्वारा सहयोग दिया जा रहा है।
दिनांक 11 जनवरी से होने वाले इस उत्सव के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम और अकादमिक कार्यक्रम हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय मे होंगे। दो दिनों तक चलने वाले अकादमिक सत्रों में विदेशों मे हिंदी, भाषा साहित्य और मीडिया, हिंदी और रोजगार, हिंदी साहित्य – समकालीन परिप्रेक्ष्य, राजभाषा हिंदी – स्थिति और संभावनाएं, प्रवासी साहित्य दृष्टि और दिशा,वर्ष 2050 में हिंदी और भारतीय भाषाएं, हिंदी और नया मीडिया, विदेशों में हिंदी शिक्षण जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में लीलाधर मंडलोई, उषा राजे सक्सेना, शैल अग्रवाल, प्रभाकर श्रोत्रिय, हिमांशु जोशी, राजी सेठ, डॉ. अनामिका, राहुल देव, प्रभु जोशी, असगर वजाहत, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, वर्तिका नंदा, हेमेंत दरबारी, अभय दुबे जैसे विद्वान साहित्यकार भाग लेंगे ।
प्रसिद्ध साहित्यकार कुंवर नारायण से संवाद का एक विशेष कार्यक्रम रखा गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विष्णु प्रभाकर के द्वारा शरतचन्द्र जी की जीवनी पर लिखी रचना ‘आवारा मसीहा’ का नाट्य रूपांतरण रामजी बाली के लेखन और निर्देशन में थिएटर वाला द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। नाटक की परिकल्पना अनिल जोशी द्वारा की गई है।
12 जनवरी को देश –विदेश के साहित्यकारों का सम्मान प्रसिद्ध साहित्यकार कुंवर नारायण द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध पत्रकार निशिकांत ठाकुर भी रहेंगे। सम्मानित होने वाले व्यक्तित्तवों में चित्रा मुद्गल, भारत में बल्गारिया के राजदूत श्री बोरिस्लाव किरिलोव कॉस्तोव, शीन काफ निजांम, मनोज कुमार श्रीवास्तव, उषा राजे सक्सेना, कैलाश पंत शामिल हैं। सम्मेलन का अंतिम कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन है जिसमें इस बार का विशेष उपलक्ष्य बाल स्वरूप ‘राही’ का अमृत महोत्सव है। इस कवि सम्मेलन में बाल स्वरूप ‘राही’, सुरेन्द्र शर्मा, उदय प्रताप सिंह, शीन काफ निजाम, कुंवर बैचेन, दिव्या माथुर उषा राजे सक्सेना इत्यादि देश–विदेश के रचनाकार अपना काव्य पाठ करेंगे।
आपसे विनम्र निवेदन है कि कार्यक्रम में व्यक्तिगत रुप से पधारें और अपने विशिष्ट समाचार पत्र/न्यूज़ चैनल/पत्रिका में कार्यक्रम से संबंधित समाचार को उचित स्थान देने का कष्ट करें।





