Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

मोटी कमीशन देने पर ही विज्ञापन देता है रियल एस्टेट कंपनी का पीआर अधिकारी

बठिंडा। अखबारों में विज्ञापन देने के लिए इन दिनों रियल एस्टेट का काम करने वाली एक कंपनी के प्रतिनिधियों ने नया फंडा निकाल लिया है। इसमें तेल के व्यवसाय से नाम कमाकर रियल एस्टेट में पैर जमाने वाली एक कंपनी ने पीआर के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति कर रखी है। यह अधिकारी विश्व की नामी एनजीओ में किसी समय प्रोजेक्ट प्रभारी का काम कर चुका है। हाल में जिस कंपनी में वह पीआर का काम करते हैं उसमें मोटा वेतन वसूलने के साथ पत्रकारों व अखबारों के विज्ञापन प्रतिनिधियों से विज्ञापन की एवज में मोटा कमिशन वसूल कर रहे हैं।

बठिंडा। अखबारों में विज्ञापन देने के लिए इन दिनों रियल एस्टेट का काम करने वाली एक कंपनी के प्रतिनिधियों ने नया फंडा निकाल लिया है। इसमें तेल के व्यवसाय से नाम कमाकर रियल एस्टेट में पैर जमाने वाली एक कंपनी ने पीआर के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति कर रखी है। यह अधिकारी विश्व की नामी एनजीओ में किसी समय प्रोजेक्ट प्रभारी का काम कर चुका है। हाल में जिस कंपनी में वह पीआर का काम करते हैं उसमें मोटा वेतन वसूलने के साथ पत्रकारों व अखबारों के विज्ञापन प्रतिनिधियों से विज्ञापन की एवज में मोटा कमिशन वसूल कर रहे हैं।

यह अधिकारी केवल उसी अखबार को कंपनी का विज्ञापन देते हैं जिस अखबार के प्रतिनिधि उन्हें मोटी राशि भेट स्वरूप प्रदान करते हैं। रियल एस्टेट की इस कंपनी की तरफ से लाखों रुपए का विज्ञापन जारी किया जाता है। वर्तमान में इस पीआर अधिकारी के व्यवहार व कारगुजारी के कारण अखबारों के पत्रकार और विज्ञापन प्रतिनिधि खासा परेशान है। जो भी पत्रकार व प्रतिनिधि उन्हें अपने अखबार के लिए विज्ञापन मांगता है उसे वह सीधे तौर पर विज्ञापन के बदले मोटी राशि की मांग कर बैठते हैं। एक लाख के विज्ञापन जारी करवाने के बदले वह 15 से 20 हजार रुपए की राशि पहले मांगते हैं।

फिलहाल इस पीआर अधिकारी की कारगुजारी से परेशान अधिकतर पत्रकारों व विज्ञापन प्रतिनिधियों ने अब तेल व रियल एस्टेट कंपनी के एमडी से शिकायत करने का मन बनाया है। इसके लिए सभी पत्रकारों की बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक में एक अखबार जिसे फिलहाल मोटा विज्ञापन मिल रहा है के प्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया। पत्रकारों का कहना है कि कंपनी के पीआर अधिकारी उनके साथ सीधे मुंह बात नहीं करता है जबकि विज्ञापन मांगने पर पैसे की मांग की जाती है। वह कंपनी से अखबार के लिए विज्ञापन मांगते हैं इसमें पत्रकारों को 15 प्रतिशत कमिश्न बेमुश्किल पेयमेंट मिलने के बाद मिलता है। अब कंपनी के प्रतिनिधि को वह अपनी जेब से पैसे कहां से दे। यही नहीं इस अधिकारी की तरफ से कंपनी के एमडी के पास एकमात्र अखबार की प्रसार संख्या को बढाचढा कर पेश किया जाता है जबकि दूसरे अखबारों को प्रसार संख्या में कम प्रकाशित होने वाला कहकर विज्ञापन कटवा दिया जाता है। अब आगामी दो दिनों में इस मामले की शिकायत कंपनी के एमडी के पास करने के बाद अगले रुख के बारे में फैसला होगा।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...