Utkarsh Sinha : मोदी और केजरीवाल में कई तथ्यात्मक समानताएं दिखती हैं….
1. दोनों का ही उभार मीडिया के सहयोग से हुआ…
2. दोनों ही धूमकेतु की तरह उभरे…
3. दोनों ने आगे बढ़ने के किये अपने नेताओं को पटका (मोदी ने केशुभाई पटेल, हिरेन पंड्या से शुरू कर आडवाणी तक को गिराया… और केजरीवाल ने अग्निवेश से शुरू कर अन्ना तक को साइड किया)
4. दोनों के प्रचार में व्यक्तिवाद झलकता है (पोस्टर देखिये एको अहम् द्वितिओ नास्ति!)
5. दोनों की बातें हवाई किस्म की होती हैं…
6. दोनों को ही एक ही किस्म की जनता का समर्थन है…
7. दोनों के समर्थक असहमत होने पर कटखने हो जाते हैं…
8. दोनों के उभार और वृद्धि से देश की कार्पोरेट लॉबी को कोई दिक्कत नहीं… lol
वरिष्ठ पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट उत्कर्ष सिन्हा के फेसबुक वॉल से.






