Sanjaya Kumar Singh : केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने भारतीय जनता पार्टी को नोटिस भेजकर नरेंद्र मोदी की रैलियों में प्रवेश के लिए टिकटों पर सर्विस टैक्स (सेवाकर) भुगतान करने की मांग की थी। इस पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किए जाने के बाद विभाग ने आनन-फानन में नोटिस वापस भी ले लिया है। खबरों के मुताबिक, केंद्रीय उत्पाद शुल्क आसूचना महानिदेशालय की लुधियाना इकाई ने भाजपा की चंडीगढ़ इकाई को पत्र भेजकर कहा था कि पार्टी को संग्रह की गई राशि का ब्यौरा प्रस्तुत करना चाहिए और अगर कोई कर बनता हो तो उसका भुगतान करना चाहिए।
यह एक साधारण सा पत्र है, इसपर शोर मचाने का कोई कारण नहीं है। दुनिया जानती है कि मोदी की रैली में टिकट नहीं लगता है इसलिए टिकट की बात होगी भी नहीं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इसे नजरअंदाज करने की बजाय कड़ी प्रतिक्रिया दी। इससे लगता है कि मामला कुछ और तो नहीं है। हुआ यह होगा कि मोदी की रैली में जो तंबू, कनात, पंखे आदि लगते हैं, बांस बल्लियों, दरियों आदि पर जो खर्च होता है – वह कोई टेंट वाला सप्लाई करता है और उसपर सर्विस टैक्स देय है। विभाग ने पार्टी से यही पूछा होगा कि उसने कोई टैक्स दिया है कि नहीं ताकि दिया हो तो टेंट वाले को पकड़ा जा सके। और आप जानते हैं कि टेंट वाला पार्टी का ही होगा। उसके हाथ पांव फूल गए होंगे और उसने मामला अलग ढंग से पेश करके अपनी गर्दन बचा ली। और सरकारी बाबू क्यों लफड़े में पड़ें – फाइल ठंडे बस्ते में।
वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.






