नई दिल्ली। उल्फा के एक नेता के साथ हिरासत में लिए गए दो भारतीय पत्रकारों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। उन दोनों के पता-ठिकाने के बारे में विरोधाभासी खबरें आ रही हैं। वे अब तक भारत नहीं पहुंचे हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में बताया गया था कि पत्रकार राजीव भट्टाचार्य और फोटोग्राफर प्रदीप गोगोई को उनका मोबाइल फोन और कैमरा जब्त करने के बाद रिहा कर दिया गया है। लेकिन वे अब भी भारत नहीं आए हैं।
गौरतलब है कि इन दोनों को म्यांमार की सेना ने उल्फा नेता जीवन मोरान के साथ हिरासत में लिया था। सूत्रों ने बताया कि भट्टाचार्य और गोगोई अक्टूबर के मध्य में उल्फा के स्वयंभू कमांडर-इन-चीफ परेश बरूआ का साक्षात्कार लेने के लिए म्यांमार गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि वे अब भी म्यांमार में हैं। उनके मौजूदा ठिकाने के बारे में कोई प्रामाणिक सूचना नहीं है। दोनों पत्रकारों को लेकर अब तक अनिश्चितता कायम है। सूत्रों का कहना है कि दोनों पत्रकारों के लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।






