बड़े भाई यशवंत जी, आपकी गिरफ्तारी की खबर सुन कर मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि यह सच है। लेकिन जिस तरह से आपकी गिरफ्तारी नोयडा पुलिस ने की है उसके पीछे कोई न कोई ऐसी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बहुत जरूरी है। मैं इस पूरी घटना की निंदा करता हूं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग करता हूं कि इस घटना की पूरी जांच साफ सुथरे तरीके से निष्पक्ष कराया जाना चाहिए। किसी पत्रकार को अगर गिरफ्तार करना हो तो उसका तौर तरीका अच्छा होना चाहिए।
यशवंत जी, आप जैसे बड़े पत्रकार भाई के कारण ही आज जिला और प्रखंड स्तर के पत्रकारों को इज्जत और मान-मर्यादा मिल रहा है, नहीं तो उनकी बातों और समस्याओं को कोई सुनने वाला नहीं था। आप गिरफ़्तारी से घबराये नहीं, दलाल पत्रकारों को छोड़कर बाकी सभी पत्रकार, जो सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं वो आपके साथ ही होंगे, चाहे वो प्रत्यक्ष रहें या परोक्ष रूप से। मुझे याद है कि जब सुशासन सरकार में नीतीश कुमार के सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह ने मुझे धमकी दी थी कि देख लेंगे, तो आपने ही मुझ जैसे जिला के स्ट्रिंगर को भड़ास पर जगह देकर मेरे मान सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा की थी, जिससे मेरे अन्दर निर्भीकता आई थी। आप मेरे आदर्श रहे हैं… आपकी गिरफ़्तारी की मैं निंदा करता हूँ और सभी जिला और प्रखंड के पत्रकारों से निवेदन करता हूँ कि सभी एक होकर इस गिरफ्तारी की जितनी हो सके निंदा और विरोध करें।
धीरज पाण्डेय
संवाददाता
इंडिया न्यूज़
औरंगाबाद
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