Yashwant Singh : ''यशवंत जैसा बनने की कोशिश मत करो'' … मेरे एक पत्रकार मित्र को किन्हीं सज्जन ने उपरोक्त गंभीर चेतावनी दी है… मैं तबसे सोच रहा हूं कि उन्होंने मेरी बुराई की या अच्छाई बताई…
वैसे, ये दोनों चीजें अलग-अलग नहीं होतीं, पर समाज-देश में एक पैरामीटर बनाया गया होता है जिसके कारण अच्छाई तो खूब प्रदर्शित की जाती है लेकिन बुराई दबा कर रखी जाती है जब तक कि वह किसी तरीके से उदघाटित न हो जाए…
इसलिए दोनों कुबूल है… जो चाहें दे दो दोस्तों… आनंद संपूर्णता को स्वीकारने में है.. आंशिक स्वीकार या नकार में फंसे रहने वाले लोग ता-उम्र गलत अच्छा ये बुरा वो अच्छा ये नहीं वो सही वो नहीं ये ही सही के चक्कर में चकमकाते मिचमिचाते घिघियाते रहते हैं…
और, रही बात लोगों के कहने का तो बहुत पहले से गाया जा रहा है कि लोगों का काम है कहना… कर गुजरने वाले अगर लोगों के चेहरे मुंह बातों पर फंसे रहते तो वे भी लोगों के भीड़ में रुके रहते और चरित्र – चेहरे से विहीन भीड़ का कोई मुकाम नहीं होता.. वह कुंठाओं का अथाह सागर होता है जहां क्षुद्रता, किचकिच, कांवकांव का जोर पुरजोर होता है… इसलिए..
खुद को स्पेशल मानिए
भीड़ से अलग होइए
और काम पर चलिए…
जय हो.. — feeling special.

उपरोक्त तस्वीर मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित तवा नदी पर बने विशाल बांध के जलाशय पर संचालित क्रूज की है. तस्वीर में सबसे बाएं यशवंत के साथ बीच में पत्रकार राम जोशी और दाएं अंतरराष्ट्रीय मानविधाकर वादी अविनाश पांडेय ‘समर’ उर्फ समर अनार्या
Naveen Chhibbar प्रेरक पोस्ट, धन्यवाद
Siddharth Pandey main sanshay mein hoon kadaachit ye jai ho aapke swayam ke liye hi tha ….dhanya hain aap …waise aap aur sabhi deshbhakt ki jai ho
Vivek Dutt Mathuria उन्होंने मेरी बुराई की या अच्छाई बताई…
Badrinath Verma यशवंत कोई ऐसा ही नहीं बनता, कबीर की इस पंक्ति को अपना वेदवाक्य बनाना पड़ता है। कबीरा खड़ा बजार में लिए लुकाठी हाथ, जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ।
Ravindra Ranjan हमें पता है किसने किसको ऎसा कहा, गलत है वो, आज हर पत्रकार को आपके जैसा ही बनना चाहिए.
RC Shukl Achcha likha Bhai…
Harish Singh Yashwant banna aj ke yug me bhagat singh jaisa hai. Log soch to sakte hai par ban nahi sakte.
Rajeev Sharma कबीरा खड़ा बजार में लिए लुकाठी हाथ, जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ।
Richa Sakalley koi baat nahi Yashwant do'nt take it seriously, life hai ye to, kai tarah ke log hein yahan. Ladkiyan to dekho media mein kitna bardasht karti hein, log bina soche samjhe unke charitra ka map banate rahte hein. Ab spl feel karo ya shame, ye to hota rahega.
Dm Singh kya bbat hai..
Radheyshyam Singh Ninda bhi ki to uske jehan me aapne apna space banaya hai.yah kum uplabdhi nahi hai.
Rakesh Soni Bahut khuub
Santosh Singh जय हो..
Arvind Kumar Singh मेरे हिसाब से दोनों कहा…लेकिन उनको फिर भी समझ नहीं आया कि यशवंत सिंगल पीस ही हैं…दूसरा यशवंत कौन बनेगा…
Riyaz Hashmi दादा आप बहुत बुरे हो। बस यही एक अच्छाई है आपमें।
Mansi Manish Wo kahna chaah rahe honge 'JYADA TURRAM KHA NA BANO…'
Mansi Manish kuchh din baad log kahenge… YASHWANT KAHIIN KA….! (Ab ise samjhna to assan hoga na???)
Shambhu Dayal Vajpayee अब यशवंत जैसा बनना इतना आसान भी नहीं।
Sunil Kumar khul ke bol
Samar Anarya उनका तात्पर्य जो भी हो, इस बात का सार्वभौमिक अर्थ यशवंत का स्वीकार ही है।
Manish Soni बात तो सही है ,पर मैंने जवाब दिया था उन लोगो को की तुम लोगो ने ऐसा कह कर वाकई प्रूफ कर दिया मिडिया जगत में यशवंत नाम का कोई शकशियत है। और तब मुझे मेरे किये पर दोगुनी ख़ुशी हुई .जय हो …
Bharti Jha bilkul sahi kaha
प्रदुम्न कौशिक मीडिया मे यशवंत का वैसा ही खौफ है …….जैसा शोले मे गब्बर का था …………
Ashish Sagar Dixit Dahsat….!
Krishna Kumar Singh mai jo hu, jaisa hu, swikar karane me koi harz nahi balki badappan hai
Ashish Tiwari Jai ho..jai ho….
Robin Singh सही तो कहा … पेट पलना है तो यशवंत जैसा मत बनो.. सब कुछ तक पर रख कर रंग से जीना हो तो बनो..
Rahul Rana सर आप गिरेट है यशवंत जेसा कोई नही
Harishankar Shahi इ यशवंत बनने का कोर्स कहाँ होता है… आजकल कोर्स का जमाना है…
Aamir Kirmani यशवंत भाई जैसे लोग सदियों में पैदा होते हैं, हमें आप पर नाज़ है…
Sujeet Kumar Chauhan san se jene wale jhukte nhe ya to jhuka deye jate hai ya jhuka dete h nete yahe kahte ke budheman purush samya ke sath chalta h khu c or gum do word h or ak h ak bat se koe khush rahta to koe dukhe
Bharat Shah भगवान करे यशंवत जैसा कोई ना हो…
Aamir Khan mere bhai jese koi nahi ho sakta , aur yeh baat muje se hi kahi gayi thi ke yaswant jase maat bano , mere bhai me jo baat hai wo kissi me nahi aa sakti jai ho
Yashwant Singh shukriya dosto, etna pyar dulaar ke liye …
Danish Rizwan ye to mujhe bhi pata nahi chala
Avnendra Kamal yasvant ya khusvant banana asan nahe lihaja udant ban jane me he bhalae hai har har mahadev……jai ho ……
Puneet Nigam किसी ने कभी मुझसे कहा था कि मैं श्रवणीय हूं अनुकरणीय नहीं। आप पर फिट होता है। क्योंकि आप जैसा बनने को बहुत कुर्बानी देनी पडेगी जो सबके बस की बात नहीं है।
Mukesh Yadav दारू छोड़ी थी तो आपने फेसबुक पर लिखा था लेकिन अब क्या प्रोग्रेस है इसके बारे में नहीं बताया।
Jai Prakash Tripathi इसलिए दोनों कुबूल है… जो चाहें दे दो दोस्तों… आनंद संपूर्णता को स्वीकारने में है.. आंशिक स्वीकार या नकार में फंसे रहने वाले लोग ता-उम्र गलत अच्छा ये बुरा वो अच्छा ये नहीं वो सही वो नहीं ये ही सही के चक्कर में चकमकाते मिचमिचाते घिघियाते रहते हैं… यानी अत्यंत सभ्य, सुवचनीय और लंबी दूरी की मार करने वाले रचनाकार भी
Avnendra Kamal sab nirarthak
सुनीता भास्कर हिहिहीई…बढ़िया
Naveen Kanswal bahut khoob ..
भड़ास के संपादक यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.
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