यशवंत ने बड़ा गुनाह किया है। उन्होंने मगरूर मीडिया को आईना दिखाने का कम किया है। वो लोग जो नये पत्रकारों को बलि का बकरा मान बैठ थे, यशवंत उन बेचारो की आवाज़ बन गये… यही गुनाह है यशवंत का। यशवंत यक़ीनन गुनाहगार हैं..वो गुनाहगार हैं ..उन सब लोगों के लिए जो मीडिया में भडुयागिरी और चापलूसी के बल पर कुर्सियों पर पैर जमाय बैठे हैं। यशवंत गुनहगार हैं उन लोगों के.. जिनके खिलाफ कोई भी आवाज़ नहीं उठा सकता था ..लेकिन यशवंत ने उनकी पोल सरे आम खोल दी।
भड़ास4मीडिया के माध्यम से निष्पक्ष पत्रकारिता का पर्याय बन चुके यशवंत बहुतों की आँख की किरकिरी बने हुए हैं..यही गुनाह है यशवंत का। ऐसे आदमी को तो गोली मार देनी चाहिए…..लेकिन यशवंत अब सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं …वो एक आवाज़ हैं …हम सब यशवंत के साथ हैं।
लेखक केशव पटेल पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.





