Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

यह जागरण के पतन की शुरुआत है या मानवीय गलती है

: अखबार ने प्रकाशित की दो माह पुरानी खबर : अब लग रहा है कि दैनिक जागरण के पतन की शुरुआत हो रही है. या फिर खबरों का टोटा होने लगा है. या फिर अब ऐसे ही लोग बचे रह गए हैं, जिन्‍हें खबरों से कोई लेना देना नहीं है बल्कि किसी तरह पेज भरने से मतलब है. मामला जागरण, रायबरेली का है. अखबार ने दो महीने पुराने खबर को प्रकाशित कर दिया है. खबर समस्‍यात्‍मक होती तो शायद चल जाता, पर खबर बड़े लोगों से जुड़ा हुआ है, लिहाजा पूरे रायबरेली में अखबार की छीछालेदर हो रही है.

: अखबार ने प्रकाशित की दो माह पुरानी खबर : अब लग रहा है कि दैनिक जागरण के पतन की शुरुआत हो रही है. या फिर खबरों का टोटा होने लगा है. या फिर अब ऐसे ही लोग बचे रह गए हैं, जिन्‍हें खबरों से कोई लेना देना नहीं है बल्कि किसी तरह पेज भरने से मतलब है. मामला जागरण, रायबरेली का है. अखबार ने दो महीने पुराने खबर को प्रकाशित कर दिया है. खबर समस्‍यात्‍मक होती तो शायद चल जाता, पर खबर बड़े लोगों से जुड़ा हुआ है, लिहाजा पूरे रायबरेली में अखबार की छीछालेदर हो रही है.

जागरण ने आज के एडिशन में एक खबर प्रकाशित किया है, जिसका शीर्षक है – शोभा के विवाह में आ सकते हैं सपा मुखिया व मुख्‍यमंत्री। यह खबर सपा सांसद और कुख्‍यात डकैत ददुआ के भाई बाल कुमार पटेल की बेटी शोभा की शादी से जुड़ी हुई है. अखबार ने लिखा है कि इस वीवीआईपी शादी में मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव समेत तमाम मंत्री, सांसद व विधायक आएंगे. खबर बिल्‍कुल सामान्‍य है, पर दिलचस्‍प तथ्‍य यह है कि यह शादी दो महीने पहले ही हो चुकी है. अखबार ने दो महीने बाद यह खबर दी है.

शोभा की शादी बीते 25 अप्रैल को जीआईसी मैदान पर बाराबंकी के प्रमोद कुमार के साथ हुई है. पर अखबार ने यह खबर 27 जून को प्रकाशित की है. दूसरी बात जिस जीआईसी मैदान में शादी होने की बात कही गई है, उस जीआईसी मैदान में इस समय प्रदर्शनी लगी हुई है. इस खबर के प्रकाशित होने के बाद से अखबार की पूरे रायबरेली में छीछालेदर हो रही है. हर कोई अखबार के पत्रकारों तथा प्रबंधकों पर थूक रहा है. लोग अब इसे दैनिक जागरण के पतन की शुरुआत भी मानने लगे हैं.

उल्‍लेखनीय है कि अपने को बड़ा ब्रांड मानते हुए जागरण ने अपने तमाम पुराने कर्मचारियों को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया. जिन लोगों को बाहर किया गया वे जागरण को इस स्थिति तक पहुंचाने में अपना सर्वस्‍व लगा दिया था. पर जागरण ने अपने नींव के पत्‍थरों को ही बाहर का रास्‍त दिखा दिया. कमजोर नींव का असर भी दिखने लगा है. अब खबर कहां से तथा किसकी गलती से प्रकाशित हुई ये तो जागरण का इंटर्नल मैटर है, परन्‍तु बाहर लोग चर्चा करने लगे हैं कि सैकड़ों कर्मचारियों की आह इस बनिया संस्‍थान को लगनी शुरू हो चुकी है. जल्‍द ही यह अखबार अपनी गति को प्राप्‍त होगा. 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...