गुवाहाटी। जीएस रोड पर युवती के साथ बदसलूकी मामले की आग दवानल की तरह इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की संस्था "असम इलेक्ट्रानिक मीडिया फोरम' में फैलती जा रही है। करीब आधा दर्जन सदस्यों के इस्तीफे के बाद संस्था के अध्यक्ष नव ठाकुरिया ने भी संस्था से नाता तोड़ने का फैसला कर लिया है। सूत्रों के अनुसार श्री ठकुरिया ने संस्था से अपनी मुक्ति का आग्रह किया है। उन्होंने गत रविवार को संस्था को एक पत्र लिख कर कहा था कि वे अब इस संस्था में बने रहना नहीं चाहते हैं। क्योंकि युवती के साथ बदसलूकी मामले में आरोपित संस्था के सदस्य गौरव ज्योति नेउग के मामले पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था। मामले पर संस्था का बयान था न कि उनका (नव ठाकुरिया का) अपना।
श्री ठाकुरिया ने इसे अनास्था का मामला बताते हुए कहा है इस्तीफा देने वाले सदस्य बैठक में मौजूद थे और उन्होंने प्रस्ताव पर सहमति देने के बाद इस्तीफा देकर उनकी छवि को खराब करने का काम किया है। उन्होंने संगठन से कहा है कि संस्था के अध्यक्ष के नाते या व्यक्तिगत रूप से गौरव का बचाव करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी और वे चाहते हैं कि मामले का निष्पक्ष जांच हो और यदि उसमें गौरव की संलिप्तता पाई जाती है तो बेशक उन्हें सजा दी जाए।
इएमफा अध्यक्ष से यह पूछे जाने पर कि क्या वे संस्था की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहें है तो उन्होंने कहा वे अब इस संस्था में बने रहना नहीं चाहते हैं। क्योंकि संस्था के कुछ सदस्यों ने संगठन की मार्यादाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि संस्था के एक सदस्य को घटना का आरोपित होते देख सर्वसम्मति से आरोप लगाने वालों से अपील की गई थी कि वे अपने आरोप को साबित करें। साथ ही संस्था को वीडियो फुटेज देखने के बाद यह लगा कि आवाज की सत्यता के लिए फारेंसिक जांच कराई जानी चाहिए। क्योंकि आरोप लगाने वाले ने संपादित सीडी दिखाई थी। और इस दोनों पहल में बचाव करने की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्था अपने सदस्यों पर आरोप लगाने वाले को आरोप का सबूत पेश करने की बात भी नहीं कह सकता तो फिर इस तरह के संस्था की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। यह कहने पर संस्था को तोड़ने या फिर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का यह मामला तो नहीं है श्री ठाकुरिया ने कहा कि जिस तरह से बैठक में हामी भरी गई और बाद में अपने दफ्तर पहुंच कर सदस्यों ने इस्तीफा देने का फैसला किया और राष्ट्रीय मीडिया में उछाला गया उसे ऐसा लगना स्वभाविक है।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.





