Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

‘यूएनआई बचाओ’ आंदोलन के तहत कल दस जनपथ पर बारह बजे जुटान

Rakesh Mishra Pravasi : देश की सबसे प्रतिष्टित एजेंसियों में से एक न्यूज़ एजेंसी है युनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया। नेहरू ने देश की पत्रकारिता को बेहतर दिशा देने के लिए विधान चन्द्र राय के नेतृत्व में इसकी स्थापना की थी. एजेंसी का उद्देश्य देश "भारत के लिए पत्रकारिता करने के लिए भारत की एजेंसी स्थापित करना" था. एजेंसी को एक नॉन प्रोफिटेबल कंपनी के तौर पर प्रमोट किया गया. देश के सभी स्थापित अख़बारों की अंशधारिता देने के बाद रोटेशन प्रणाली से इसके प्रबंधन और प्रचालन की जिम्मेदारी बेहतर और समर्पित व्यक्तियों के हाथों में रखना तय किया गया.

Rakesh Mishra Pravasi : देश की सबसे प्रतिष्टित एजेंसियों में से एक न्यूज़ एजेंसी है युनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया। नेहरू ने देश की पत्रकारिता को बेहतर दिशा देने के लिए विधान चन्द्र राय के नेतृत्व में इसकी स्थापना की थी. एजेंसी का उद्देश्य देश "भारत के लिए पत्रकारिता करने के लिए भारत की एजेंसी स्थापित करना" था. एजेंसी को एक नॉन प्रोफिटेबल कंपनी के तौर पर प्रमोट किया गया. देश के सभी स्थापित अख़बारों की अंशधारिता देने के बाद रोटेशन प्रणाली से इसके प्रबंधन और प्रचालन की जिम्मेदारी बेहतर और समर्पित व्यक्तियों के हाथों में रखना तय किया गया.

अपने शुरुआती दौर से लेकर लगभग चालीस सालों तक इस एजेंसी ने पत्रकारिता का वह मुकाम हासिल किया जो कि देश के मीडिया को नया नजरिया और स्वतंत्र पत्रकारिता के मानक स्थापित करने जैसा था. इस एजेंसी ने कुलदीप नैयर, पी. साईनाथ, अलोक तोमर, मधुकर उपाध्याय और हरपाल सिंह बेदी, वीरेंद्र मोहन और शरद द्विवेदी जैसे पत्रकारिता के नायकों को समाज से अपने सरोकार जोड़ने के लिए माध्यम प्रदान किया। साथ ही सामाजिक सरोकारों के लिए युनीदर्शन, यूनिस्कैन, यूनीडायरेक्ट, यूनीग्राफिकस, यूनी इंटरनेट न्यूज़ सर्विस जैसी विश्वस्तरीय सेवाओं के माध्यम से सर्वोत्तम उपकरण प्रदान किये।

दुनिया की लगभग सौ से ज्यादा एजेंसियों के साथ सम्बन्ध स्थापित करके इन सरोकारों को विश्वव्यापी विस्तार कर पाना यू एन आई के ही बस की बात थी. रायटर्स और डीपीए जैसी विश्वव्यापी एजेंसियों के साथ चीन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत, ओमान क़तर जैसे दर्जनों देशों की एजेंसियों के साथ जुड़ कर भारत के विश्व संवाद के लिए सशक्त मंच रही यू एन आई. यू एन आई को देश की पहली एजेंसी होने का तमगा भी हासिल है जिसे विदेश में सब्स्क्राइबर नसीब हुआ.

आज विश्व भर में एजेंसी के लगभग हजार से ज्यादा सब्स्क्राइबर हैं. इसके लिए एजेंसी के पास विश्व स्तरीय खबर नवीसी के लिए वाशिंग्टन, सिडनी, लन्दन, इस्लामाबाद, दुबई, ढाका, कोलम्बो, काठमांडू, सिंगापुर समेत अनेकों शहरों में एक प्रभावी नेटवर्क है. अंडमान निकोबार और पोर्ट ब्लेयर तक स्ट्रिंगरों का नेटवर्क रखने वाली एजेंसी को इस दशक की शुरुआत से कई बड़ी चुनौतियों से रुबरु होना पड़ा. आज एजेंसी के अस्तित्व के संकट जैसी स्थितियों में खड़ी एजेंसी के लिए पत्रकारिता जगत से एक गम्भीर एक जुटता की दरकार है जिससे देश की चेतना का निजीकरण न हो सके. आइये कुछ प्रयास करें ताकि देश की पत्रकारिता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और भारतवर्ष में हाशिए के बाहर के तबकों को भी देखा और गिना जा सके. "यू एन आई बचाओ" आंदोलन के लिए जागरूक जनों की एकजुटता में सहयोग और सम्बल प्रदान करें.

2 मार्च 2014, समय 12 बजे

पता : 10 जनपथ, नई दिल्ली

संपर्क : 9313401818

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...