वरिष्ठ पत्रकार संजीव चौहान ने भड़ास को एक वीडियो उपलब्ध कराया है जो आगरा के एक थाने का है. हवालात में एक युवक बंधा पड़ा है और पानी के लिए तड़प रहा है. अगर मीडिया के लोग न पहुंचते तो यह तड़प तड़प कर मर जाता. इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर किसकी रुह नहीं कांप उठेगी. नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इस वीडियो को देख सकते हैं.
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके वीडियो देखने के बाद जरूर सोचिएगा कि हम किस देश प्रदेश में रह रहे हैं? यूपी पुलिस को सुधारने के लिए ढेरों कवायद की जा रही है. पर सामंती माइंडसेट से संचालित कई पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आ रहा है.
यह वीडियो कोई एक घटना भर नहीं है. यह एक प्रतीकात्मक घटना है. किसी को भी यूपी में पुलिस अमानवीयता और पुलिस संवेदनहीनता का एक्स्ट्रीम देखना हो तो इस वीडियो को देख सकता है. भले ही यह युवक अभी जिंदा हो, लेकिन यह वीडियो दोषी पुलिसवालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार है कि आखिर उन्होंने प्यास से तड़प रहे और हवालात में बंधे युवक को पानी क्यों नहीं दिया, जबकि वह युवक बार-बार पानी मांग रहा है.
यह संयोग की बात है कि थाने में जाकर मीडिया वाले वीडियो बना लाए. हवालातों में ऐसा होते रहना रुटीन है. जनता के पैसे से सेलरी पा रहे और जनता की रक्षा के नाम पर वर्दी पहने घूम रहे पुलिसवालों का दिमाग ठिकाने के लिए क्या करना होगा, यह किसी को पता हो तो जरूर बताए, क्योंकि ''उल्टी पड़ गईं सब तदबीरें, कुछ ना दवा ने काम किया… ''
मोदी, राहुल, नेता, राजनीति, अपराधी में डूबे और गलचौर कर रहे मीडिया वालों के लिए अब ऐसी चीजें भले ही बड़ी खबर नहीं हो पर सोशल मीडिया और न्यू मीडिया ऐसे मसलों को जोरदार तरीके से उठाते रहेंगे ताकि समाज, सरकार, सत्ता, सिस्टम की असल सच्चाई सामने आती रहे.
यशवंत
एडिटर
भड़ास4मीडिया






