यूपी का एक ऐसा अधिकारी जो पत्रकारों से रिश्वत लेता है. जी हाँ, यूपी के हमीरपुर जिले के एक ऐसे अधिकारी हैं जिनकी नियुक्ति तो शासन और प्रशासन की नीतियों को प्रकाशित करवाने और अन्य सरकारी सूचनाओं को जारी करवाने हेतु की गयी है लेकिन वो महानुभाव मीडिया से ही पैसे लेने से नहीं चूकते. हमीरपुर के सूचनाधिकारी विजय बहादुर वर्मा के लिए चुनाव किसी पर्व से कम नहीं होता. वो चाहे लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व लोकसभा का चुनाव हो, विधानसभा, जिलापंचायत चुनाव हो या फिर कोई वीवीआईपी प्रोग्राम. ये जनाब इन सबका बेसब्री से इंतज़ार करते हैं.
ये हमीरपुर जनपद की मीडिया से प्रेस पास जारी करने के एवज में पैसे लेते हैं. आप अगर पत्रकार हैं और आपके पास चैनल का आईकार्ड, अथॉरिटी लेटर और आईडी भले ही हो लेकिन बिना इनको पैसे दिए आप अपने आपको पत्रकार न मानें क्योंकि जब तक आपके द्वारा इनको सुविधा शुल्क नहीं दिया जायेगा तब तक इनके द्वारा जिला प्रशासन को आपके फर्जी होने की ही सूचना दी जायेगी. चुनाव के समय इनको सुविधाशुल्क नहीं दी जायेगी तो ये आपको प्रेस पास रिलीज़ नही करेंगे.
आप भले पत्रकार ना हों, पर आप इनको शाम को काम की थकान दूर करने वाली दवा का इंतज़ाम कर दें और ठीकठाक सुविधाशुल्क दे दें तो ये महोदय आपको ऐसे ही पास जारी कर देंगे. इनके इन कारनामों की शिकायत हमीरपुर के मीडियाकर्मियों द्वारा 18 जून को लैपटॉप वितरण के दौरान प्रेसवार्ता में सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी की गयी थी लेकिन कोई कार्यवाई नहीं होने से इनके हौसले और बुलंद हो गये.
अब ये बिना किसी हिचकिचाहट के पत्रकारों से पैसे मांगते हैं और बार्गेनिंग भी करते हैं. शुरुआत हजारों से होती है लेकिन आप इनको कितने में मना लेते हैं ये आप पर निर्भर है. ये वीडियो देखिए. इसमें ये बाकायदा बारगेनिंग करते हुए पैसे ले रहे हैं. अपनी हरकतों की हकीकत लीक हो जाने के कारण आजकल ये बौखला गए हैं और पत्रकारों को हरिजन एक्ट तक में फ़ंसाने की धमकी दे रहे हैं.
देखिए वीडियो… लिंक पर क्लिक करें…
https://www.youtube.com/watch?v=lbmAAttIRxU
हमीरपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र और वीडियो फुटेज पर आधारित. अगर उपरोक्त कंटेंट पर किसी को कुछ कहना है तो अपनी बात [email protected] पर मेल कर सकते हैं.






