नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने मुसलमानों के पर्व बारावफात के कारण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान का तारीख बदल दिया है। आयोग ने रविवार को कहा कि अब पहले चरण का मतदान चार फरवरी की बजाय किसी अन्य तिथि पर कराया जाएगा। नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। बताया जा रहा है कि आयोग ने यह परिवर्तन चार फरवरी को बरावफात पड़ने की संभावना को देखते हुए किया है। पहले चरण के अलावा किसी अन्य चरण के तारीखों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को सात चरणों में क्रमश: 4, 8, 11, 15, 19, 23 और 28 फरवरी को कराए जाने की घोषणा की थी। 403 सीटों वाली विधानसभा की 60 सीटों के लिए चार फवरी को पहले चरण का मतदान होना था। इस के साथ ही प्रथम चरण के लिए दस जनवरी को जारी होने वाली अधिसूचना भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है। आठ फरवरी को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए अधिसूचना पहले की तरह 12 जनवरी को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि जल्द ही पहले चरण में होने वाले चुनाव की नई तिथि घोषित कर दी जाएगी।
इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि हमें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पंजाब, यूपी और गोवा में धन के मोर्चे पर दिक्कतें पेश आएंगी, क्योंकि धन एक बड़ी भूमिका निभाता है। आयोग ने यह बातें इन प्रदेशों में लगातार मिल रहे नकदी के आधार पर कही हैं। उल्लेखनीय है कि पंजाब और उत्तर प्रदेश में अब तक कई करोड़ की नगदी बरामद की जा चुकी है। कुरैशी ने कहा कि राजनीतिक दलों के मालिकाना हक वाले टीवी चैनलों और अखबारों की निगरानी के अलावा धन लेकर खबर छापने के काम पर भी आयोग नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक दलों के टीवी चैनलों के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। हम टीवी और अखबार में इनको दिए गए स्थान की अवधि की गणना करेंगे और इसकी दर पर विचार करेंगे और इसे उम्मीदवारों की कुल संख्या के बीच विभाजित कर देखेंगे।






