लखनऊ : नौकरशाही का आईपीएस बनाम आईएएस विवाद थमता नहीं दिख रहा है। आईपीएस अफसरों की एसोसिएशन के लगातार दबाव के आगे राज्य सरकार ने उनके पक्ष में कार्रवाई किए जाने की बात कही है। इसके तहत थानेदारों की तैनाती में पुरानी व्यवस्था लागू किए जाने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
यह दबाव ही था कि मुख्य सचिव अनूप मिश्र एकाएक एनेक्सी के मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पहुंच गए और दावा किया कि आईपीएस एसोसिएशन की बातों पर विचार हो रहा है, जिससे आईपीएस अधिकारी संतुष्ट हैं। मुख्य सचिव ने यहां तक कहा कि इस प्रकरण को अब समाप्त समझा जाए। इस बीच, जांच समिति के दोनों सदस्य सोमवार को बस्ती पहुंच गए।
दूसरी तरफ, आईपीएस एसोसिएशन ने हालांकि, मंगलवार को प्रस्तावित एसोसिएशन की सामान्य सभा की बैठक स्थगित कर दी है, लेकिन उसकी शांति दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट आने और उस पर होने वाले एक्शन पर निर्भर करती है। एसोसिएशन के कई सदस्यों ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई न होने पर बात बिगड़ सकती है। पूर्व प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। मंडलायुक्त अनुराग श्रीवास्तव के दुर्व्यवहार का शिकार बने एसपी मोहित गुप्ता ने भी सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
मुख्य सचिव अनूप मिश्र से मिलने गए आईपीएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रोन्नति व थानेदारों की तैनाती के मामले में भी स्पष्ट दिशा निर्देश दिए जाने की भी मांग की थी। एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से जोन की पुरानी व्यवस्था लागू किए जाने की भी मांग की। आईपीएस अफसरों का कहना था कि नई व्यवस्था से जहां कार्य प्रभावित हो रहा है वहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को खुद से काफी जूनियर आईएएस अफसरों के पीछे चलना पड़ता है, जो उनकी गरिमा के साथ ही उनके मनोबल के भी विपरीत है।
एसोसिएशन ने बस्ती प्रकरण में अब तक मंडलायुक्त अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर असंतोष जताते हुए कहा कि जिलों में थानेदारों की तैनाती में जिलाधिकारियों के बेवजह दखल के संबंध में पूर्व प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर द्वारा जारी कराए गए आदेश को समाप्त कर पूर्ववत व्यवस्था को लागू किए जाने की मांग की। यह भी कहा कि आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन संबंधी रुके मामलों का निस्तारण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि बस्ती मामले की जांच के लिए शासन ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है और समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। समिति तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के बाद एक्शन लिया जाएगा। साभार : अमर उजाला





