Vineet Kumar : 2013-14 का चुनावी कवरेज पेड न्यूज से आगे बढ़कर पेड विजुअल की तरफ शिफ्ट हो गया है. दिल्ली में मोदी और बीजेपी की चल रही रैली में ये बहुत साफ दिखाई दे रहा है..आखिर ये कैसे संभव है कि लगभग सारे चैनलों की फुटेज के कैमरा एंगिल एक तरह से हैं.
साफ लग रहा है कि ये चैनलों के कैमरे की फुटेज न होकर भाजपा के कैमरे से ली गई फीड है और ट्रांसफर करके सब चला रहे हैं. बाकी स्लग और वीओ में जो आप देख-सुन रहे हैं, वो सब साफ समझ आ ही रहा है.
ये चुनाव राजनीतिक पार्टियों के बीच का चुनाव नहीं, पीआर एजेंसियों के बीच की प्रतिस्पर्धा है. जिस राजनीतिक पार्टी की जीत होती है, वो पीआर एजेंसी की स्ट्रैटजी की जीत होगी लेकिन इसमे हर हाल में मीडिया बिका हुआ, मैनेज हुआ माध्यम बनकर हमारे सामने होंगे.
युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.





