Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

ये दो बातें आप पर भी लागू होती हैं

मेरा मानना है कि दुनिया के ज्यादातर लोगों पर दो बातें जरूर लागू होती हैं। पहली – इस दुनिया के किसी भी हिस्से में आपका कोई हमशक्ल मौजूद है, और दूसरी – आपके असली नाम के अलावा कोई और नाम भी जरूर है। भले ही आप घर से बाहर यह नाम किसी को बताने से हिचकिचाएं। मैं नहीं जानता कि किस व्यक्ति पर ये बातें कितनी लागू होती हैं, लेकिन मुझ पर ये सौ फीसदी लागू हो चुकी हैं। यहां तक कि मैंने खुद भी एक व्यक्ति का हमशक्ल देखा है। वे राजस्थान के एक गांव में पनवाड़ी हैं, वहीं गुजरात के एक शहर में बांसुरी भी बजाते हैं। असल में दोनों ही व्यक्ति अलग हैं और शायद दोनों इस जीवन में कभी मिलेंगे भी नहीं। उन्हें देखना बहुत रोचक अनुभव रहा।
मेरा मानना है कि दुनिया के ज्यादातर लोगों पर दो बातें जरूर लागू होती हैं। पहली – इस दुनिया के किसी भी हिस्से में आपका कोई हमशक्ल मौजूद है, और दूसरी – आपके असली नाम के अलावा कोई और नाम भी जरूर है। भले ही आप घर से बाहर यह नाम किसी को बताने से हिचकिचाएं। मैं नहीं जानता कि किस व्यक्ति पर ये बातें कितनी लागू होती हैं, लेकिन मुझ पर ये सौ फीसदी लागू हो चुकी हैं। यहां तक कि मैंने खुद भी एक व्यक्ति का हमशक्ल देखा है। वे राजस्थान के एक गांव में पनवाड़ी हैं, वहीं गुजरात के एक शहर में बांसुरी भी बजाते हैं। असल में दोनों ही व्यक्ति अलग हैं और शायद दोनों इस जीवन में कभी मिलेंगे भी नहीं। उन्हें देखना बहुत रोचक अनुभव रहा।
कुछ दिन पहले जब मैं बस में बैठा था तो एक महिला ने मुझे 20 रुपए का नोट देकर एक टिकट मांगा। मुझे हैरानी हुई क्योंकि मुझसे पहली बार किसी ने टिकट मांगा था और मैं बस कंडक्टर नहीं हूं। जब मैंने उनसे कहा कि मैं कंडक्टर नहीं हूं तो वे बोलीं – ऐसा कैसे हो सकता है? कल आप दोपहर वाली बस में टिकट काट रहे थे और मैंने आपसे दो टिकट लिए। आप एक ही दिन में अपना व्यवसाय कैसे बदल सकते हैं?
 
दूसरी घटना मुझे मेरे एक दोस्त ने बताई। उनका मानना है कि मेरी शादी हो चुकी है और जहां तक मुझे याद है ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि मैंने आपकी शादी का वीडियो देखा है जिसमें आप विदाई के वक्त रोने लगे थे। उन्होंने बताया कि एक बार यह वीडियो इंटरनेट पर देखा था, जिसके बाद आपकी शक्ल भूल नहीं सका। बात मुझे दिलचस्प लगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने घटना का पूरा विवरण पेश किया, उसके बाद मैं वह दुर्लभ वीडियो देखने का साहस नहीं जुटा सका। मेरे लिए खुशी की बात यह है कि वीडियो वाला लड़का मैं नहीं हूं।
 
दूसरी घटना मेरे एक दोस्त के सहपाठी की है। एक बार उसने बताया कि उसका सिर्फ एक ही नाम है, जो घर-स्कूल और सब जगह प्रचलित है। हमें उस पर विश्वास था, इसलिए उसकी बात को सच मान बैठे। एक दिन एक बुजुर्ग स्कूल में आए और बोले – हमारे चिमनी लाल को बुलाओ। उन्हें कक्षा के बारे में जानकारी नहीं थी, इसलिए चपरासी ने स्कूल की हर कक्षा में जाकर चिमनी लाल का नाम पुकारा। आखिरकार वह सही जगह आया तो पूरी कक्षा अचंभित हुई, क्योंकि यहां इस नाम का कोई प्राणी उपलब्ध नहीं था। बहुत जल्द सब लोग गलत साबित हुए और वे महाशय उठकर चल दिए जिनका मानना था कि दुनिया में उनका सिर्फ एक ही नाम है। इस घटना के बाद मेरा विश्वास और मजबूत हुआ कि दुनिया में हर व्यक्ति का दूसरा नाम जरूर होता है। शायद आपका भी हो।
 
चलते-चलते
जब मैं बीते तीन सालों की ओर देखता हूं तो उनका आकलन जरूर करता हूं। मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मुझे बहुत अच्छे लोगों का साथ मिला और उनसे बहुत कुछ सीखा। मैं गांव से एक थैला और 1,155 रुपए लेकर आया एक देहाती लड़का हूं, जिसमें कोई काबिलियत है भी या नहीं, मैं अब तक नहीं जानता। गांव छोड़ने के बाद मुझे कई चीजें छोड़नी पड़ीं, लेकिन एक बात ऐसी है जिसे आज तक मैं जिंदा रख सका हूं। वह है मेरी लाइब्रेरी। गांव में मैंने कभी कम्प्यूटर नहीं देखा था, लेकिन आज मेरी ऑनलाइन लाइब्रेरी इंटरनेट के जरिए भारत के अलावा अमेरिका, रूस, जापान, इंग्लैंड सहित करीब एक दर्जन से ज्यादा देशों में रोज देखी जाती है। मेरे पैमाने के मुताबिक यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कई बार मुझे ऐसा भी लगता है कि आज से करीब सौ साल बाद (सन् 2113) जब बच्चे मेरी पुरानी लाइब्रेरी के पास वाले मैदान में खेलेंगे तो उनके माता-पिता उन्हें हिदायत देंगे कि उधर ज्यादा शोर मत करना, क्योंकि कई साल पहले एक लड़का यहां लाइब्रेरी चलाया करता था। उसे शोरगुल पसंद नहीं है। वह रोज यहां किताबों की देखभाल करने आता है। मुझे लगता है कि ऐसा जरूर होगा, क्योंकि नर्क मुझे पसंद नहीं और स्वर्ग मैं जाना नहीं चाहता। इसलिए लाइब्रेरी के अलावा कोई और रास्ता नहीं। इसके अलावा कुछ और मुझे कबूल भी नहीं।
 
राजीव शर्मा 
संचालक-गांव का गुरुकुल
Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...