नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने एक लॉ इंटर्न के यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा करार दिया है। इन आरोपों के बारे में खबरें दिखाने के लिए उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजकर उनसे 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस कुमार ने एक बड़े अखबार और दो टीवी चैनलों को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में अविश्वसनीय और गलत खबर दिखाने की बात कही गई है। और इसके लिए मीडिया संस्थानों से 24 घंटे में माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस का पालन नहीं करने पर संस्थानों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की बात कही गई है। जस्टिस कुमार ने आरोपों को साजिश करार दिया है। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने एक बयान में कहा कि अखबार और दोनों चैनलों ने तथ्यों की जांच किए बिना जस्टिस कुमार की साख को नुकसान पहुंचाया है।
आपको बता दें कि एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके जस्टिस कुमार के खिलाफ पीड़ित महिला ने पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई थी। ये घटना मई 2011 की है जब जस्टिस स्वतंत्र कुमार सुप्रीम कोर्ट के जज थे, उस वक्त पीड़ित महिला उनके साथ इंटर्नशिप कर रही थी।






