Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

रवींद्र प्रभात, गीता श्री एवं दिनेश माली समेत कई सम्‍मानित

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के फुरामा सिलोम होटल के सभागार में दिनांक 16 से 21 दिसंबर तक आयोजित चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में हिंदी के मुख्य ब्लॉग विश्लेषक एवं बहुचर्चित साहित्यकार रवीन्द्र प्रभात को हिंदी ब्लॉगिंग में उल्लेखनीय योगदान हेतु सृजन श्री सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें इस सम्मान के अंतर्गत स्मृति चिन्ह, मान पत्र, अंग वस्त्र और एक निश्चित धनराशि के साथ साहित्यिक कृतियाँ भेंट की गयी।

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के फुरामा सिलोम होटल के सभागार में दिनांक 16 से 21 दिसंबर तक आयोजित चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में हिंदी के मुख्य ब्लॉग विश्लेषक एवं बहुचर्चित साहित्यकार रवीन्द्र प्रभात को हिंदी ब्लॉगिंग में उल्लेखनीय योगदान हेतु सृजन श्री सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें इस सम्मान के अंतर्गत स्मृति चिन्ह, मान पत्र, अंग वस्त्र और एक निश्चित धनराशि के साथ साहित्यिक कृतियाँ भेंट की गयी।

उल्लेखनीय है कि लखनऊ निवासी रवीन्द्र प्रभात ने हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में कुछ विशेष कार्य किये हैं। हिंदी ब्लॉगिंग की पहली मूल्यांकनपरक पुस्तक के वे संपादक तथा हिंदी ब्लॉगिंग के पहले इतिहासकार हैं। पहली बार देश से बाहर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित किसी अन्तराष्ट्रीय सम्मलेन में हिन्दी के चार ब्लॉगर एक साथ सम्मानित हुए, जिसमें रवीन्द्र प्रभात के अलावा नुक्कड़ ब्लॉग की मॉडरेटर गीता श्री, कथा लेखिका अलका सैनी और उडिया भाषा के अनुवादक ब्लॉगर दिनेश कुमार माली शामिल थे।

इनके अलावा इस अवसर पर सृजनगाथा और सृजन श्री सम्मान से सम्मानित होने वाले साहित्यकार थे वरिष्ठ कवि व 'दुनिया इन दिनों' के प्रधान संपादक डॉ. सुधीर सक्सेना, युवा पत्रकार व दैनिक भारत भास्कर (रायपुर) के संपादक संदीप तिवारी, मुंबई की कथाकार संतोष श्रीवास्तव, संस्कृति कर्मी सुमीता केशवा, आधारशिला के संपादक दिवाकर भट्ट (देहरादून), नागपुर विवि के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा आदि।

इस सम्मलेन के प्रमुख आकर्षण रहे छत्तीसगढ़ के सुपरिचित चित्रकार और कवि डॉ. जे.एस.बी.नायडू, जिनके चित्रों की प्रदर्शनी बैंकाक के कला प्रेमियों के लिए 16 दिसंबर से 20 दिसंबर तक लगी। यह प्रदर्शनी सृजनगाथा डॉट कॉम द्वारा आयोजित चतुर्थ अंतराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन के तत्वाधान में लगायी गयी। बैंकाक के प्रसिद्ध होटल फुरामा सिलोम में यह प्रदर्शनी आम लोगों के लिए उपलब्ध रही। प्रदर्शनी का उद्घाटन 16 दिसंबर को हुआ। उक्त अवसर पर उन्हें उनकी रचनात्मकता के लिए संस्था द्वारा सम्मानित भी किया गया। इससे पहले श्री नायडू की कई प्रदर्शनियाँ लग चुकी हैं।

साथ ही सम्मलेन में आलेख वाचन, काव्य पाठ और हिन्दी के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जहां खुलकर चर्चा हुई वहीँ बैंकाक, पटाया, कोहलर्न आईलैंड थाई कल्चरल शो, गोल्डन बुद्ध मंदिर, विश्व की सबसे बड़ी जैम गैलरी, सफारी वर्ल्ड आदि स्थलों का सांस्कृतिक पर्यटन का अवसर भी उपलब्ध हुआ। इस बार यह सम्मलेन सृजन सम्मान और वैभव प्रकाशन के बैनर तले संपन्न हुआ। इस पूरी यात्रा के सूत्रधार रहे वेब पत्रिका सृजनगाथा के संपादक जय प्रकाश मानस और वैभव प्रकाशन रायपुर के डा. सुधीर शर्मा।

उल्लेखनीय है कि साहित्य, संस्कृति और भाषा के लिए प्रतिबद्ध साहित्यिक संस्था (वेब पोर्टल) सृजन गाथा डॉट कॉम पिछले पाँच वर्षों से ऐसी युवा विभूतियों को सम्मानित कर रही है, जो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा वह तीन अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलनों का संयोजन भी कर चुकी है, जिसका पिछला आयोजन मॉरीशस में किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए संस्था द्वारा, किये जा रहे प्रयासों और पहलों के अनुक्रम में इस बार 15 से 21 दिसंबर तक थाईलैंड में चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हिंदी के आधिकारिक विद्वान, अध्यापक, लेखक, भाषाविद्, पत्रकार, टेक्नोक्रेट एवं अनेक हिंदी प्रचारकों ने भाग लिया।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...