Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

प्रिंट-टीवी...

रांची में गैंगरेप, मर गई अबला, खबर नहीं चलाने का फरमान

: अपडेट : चुल्लू भर पानी में क्यों नहीं डूब मरते न्यूज 11 के कर्ताधर्ता : जी, 21सदी की पत्रकारिता का यह काला सच है। घिन्‍न आ रही है। क्या झुकने को कहने पर हम तलवे चांटने को तैयार हो जाएंगे। लेकिन बेचारे रिपोर्टर से एक धंधेबाज बने अरूप चटर्जी क्या जाने कि किस हसरत से पत्रकारिता की डिग्री लेकर हम आते हैं कि कम से कम समाज की सेवा करेंगे। इसी से दाल-रोटी भी चलेगी। चलिए मूल बात पर आते हैं। 23 अप्रैल को रांची में एक अधेड़ उम्र की महिला के साथ गैंगरेप हुआ। बेचारी महिला ने दम तोड़ दिया लेकिन न्यूज 11 के मालिक अरूप चटर्जी ने हुक्म दिया कि यह खबर नहीं चलेगी।

: अपडेट : चुल्लू भर पानी में क्यों नहीं डूब मरते न्यूज 11 के कर्ताधर्ता : जी, 21सदी की पत्रकारिता का यह काला सच है। घिन्‍न आ रही है। क्या झुकने को कहने पर हम तलवे चांटने को तैयार हो जाएंगे। लेकिन बेचारे रिपोर्टर से एक धंधेबाज बने अरूप चटर्जी क्या जाने कि किस हसरत से पत्रकारिता की डिग्री लेकर हम आते हैं कि कम से कम समाज की सेवा करेंगे। इसी से दाल-रोटी भी चलेगी। चलिए मूल बात पर आते हैं। 23 अप्रैल को रांची में एक अधेड़ उम्र की महिला के साथ गैंगरेप हुआ। बेचारी महिला ने दम तोड़ दिया लेकिन न्यूज 11 के मालिक अरूप चटर्जी ने हुक्म दिया कि यह खबर नहीं चलेगी।

क्यों भाई, क्यों कि रांची के एसएसपी साकेत कुमार का उपकार चुकाना है। सो चैनल पर गैंगरेप और उसके बाद मौत की खबर से पुलिस की किरकिरी होती सो अरूप ने यह खबर की रूकवा दी। जैसे ही यह फरमान जारी हुआ चैनल हेड गुंजन सिन्हा उठकर कार्यालय से बाहर चले गए। साथ ही साथ एकाउंटेट को कहा कि मेरा हिसाब-किताब तैयार रखिए। अभी गुंजन जी को रोकने-मनाने की तैयारी चल रही है। अरूप की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि चैनल के कई प्रमुख लोग गुंजन जी के साथ हो गए हैं। ऐसे में चैनल का भट्ठा बैठ जाएगा। गुंजन जी ने बिहार-झारखंड में पत्रकारों की एक पीढ़ी तैयार की है। उनके तेवर से सभी वाकिफ हैं।

हां एक बात लिखना भूल गया, रांची के बैजनाथ मिश्र भी अरूप का साथ दे रहे हैं। संगोष्ठी-सेमिनार में इनकी चिकनी-चुपड़ी बाते सुनकर पांव छू लेने को मन करता है लेकिन पूंछ उठाने पर देखा तो इनको भी मादा पाया। एक बात तय है कि अगर अरूप ने गुंजन भैया के साथ थोड़ी भी बदतमीजी की तो उनकी फजीहत तय है। हम लोगों ने सोच रखा है कि इस धंधेबाज का डंडा-झंडा रांची से उठा देंगे। पूरी कौम को ये शख्स बदनाम कर रहा है। चौराहे पर बेच रहा है। प्रेस काउंसिल भी ऐसे लोगों को देखे। हालांकि, दबाव के बनने के बाद चैनल पर यह खबर चली, इसके बाद गुंजन सिन्‍हा मानने को तैयार हुए। फिलहाल शांति बनी हुई है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


खबर रोके जाने के संदर्भ में जब चैनल हेड गुंजन सिन्‍हा से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि खबर चैनल पर प्रसारित की गई थी. हालांकि शुरुआत में खबर को लेकर कुछ विवाद जरूर हुआ था. पर बाद में खबर को प्रसारित किया गया था. उन्‍होंने खबर रोकने की बात की बात पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. वहीं चैनल मालिक अरुप चटर्जी ने कहा कि इस तरह का कोई मामला चैनल में नहीं हुआ था. मैंने किसी खबर को रोकने के लिए नहीं कहा था.  ये आरोप बिल्‍कुल गलत हैं. ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...