जयपुर। राजस्थान पत्रकार संघ (जार) के अब दो फाड़ हो गए हैं. पिछले कई दिनों से राजस्थान पत्रकार संघ के दो धड़ों के बीच काफी तनाव देखने को मिल रहा था. इस बीच राजस्थान पत्रकार संघ के एक पदाधिकारी उमेन्द्र दाधीच ने आरोप लगाया था कि तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा और उनके साथ के लोगों ने मिल कर बिना प्रदेश सचिव की सहमति और उपस्थिति के प्रदेश बैठक बुला कर अवैध रूप से अपनी मनमानी करते हुए कार्रवाईयां करनी आरभ कर दी. जिसका वहां उपस्थित जयपुर जिले के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया.
बाद में ललित शर्मा ने दूसरे पक्ष से समझौता करके और अपनी गलती मान ली थी. मगर इसके बाद उन्होंने बिना किसी को विश्वास में लिए अपनी नई कार्यकारणी बिना चुनाव करवाए घोषित कर दी, जो कि लोकतांत्रिक प्रणाली का खुला अपमान था. इसके बाद दोनों धड़ों में संघर्ष इस कदर बढ़ चुका है कि नौबत अदालत तक जाने की आ गई है. वर्तमान में राजस्थान पत्रकार संघ (आर.पी.एस.) के नाम से उमेन्द्र दाधीच ने अपनी कार्यकारणी बना ली है और प्रदेश कार्यालय पर भी उन्हीं की टीम काबिज है. वहीं ललित शर्मा ने जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ़ राजस्थान नाम से अपना संगठन अपने घर में स्थित कार्यालय से चला रहे हैं. राजस्थान पत्रकार संघ के द्वारा राजस्थान की जिला इकाइयों को उनके साथ होने का दावा किया जा रहा है और वहीं बताया जाता है कि ललित शर्मा गुट में एक ही अखबार के मालिक और उसके पार्टनर को ही परस्पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर आसीन करवा दिया गया है. राजेश तोषनीवाल और ललित शर्मा पर आरोप लगते हुए उमेन्द्र दाधीच ने बताया कि ये वही टीम है जो राजस्थान पत्रकार संघ के नाम से चन्दा वसूली में लिप्त रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों ही धड़े अपने अपने को वास्तविक संगठन बताते हुए एक दूसरे को निकालने की बात कह रहे हैं.






