Rajendra Yadav : बहुत ही अफ़सोस है मुझे कि वेब की दुनिया में मेरे और ज्योति कुमारी के संबंध को लेकर एक से एक कयास लगाये जा रहे है. मैंने हमेशा ज्योति कुमारी को अपनी बेटी की तरह माना है. इस सम्बन्ध में कुछ लोग गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं. मै उनकी भर्त्सना करता हूँ. लोगों को सस्ती लोकप्रियता अर्जित करने के लिये ऐसी वैसी बात करने से परहेज़ करना चाहिये.
वरिष्ठ साहित्यकार और साहित्यिक मैग्जीन 'हंस' के संपादक राजेंद्र यादव के फेसबुक वॉल से.
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जब मैं समझ गई कि राजेंद्र यादव के घर से बच कर निकलना नामुमकिन है, तब मैंने सौ नंबर मिलाया
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राजेंद्र यादव ने तरह-तरह के एसएमएस भेजे, वे साहित्यिक व्यक्ति हैं, इसलिए उनकी धमकी भी साहित्यिक भाषा में थी






