Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

राजेंद्र यादव से इस निजी बातचीत को सार्वजनिक कर अनिल यादव ने गलत किया : दयाशंकर शुक्ल ‘सागर’

Daya Sagar : प्रिय राजेन्द्र जी, मुझे आप पर पूरा यकीन है। मनु, सुशीला, आभा जैसी लड़कियों से गांधी के अनर्गल संबंधों को लेकर भी कम्बखत लोग इसी तरह से दुष्प्रचार करते रहे हैं। आपसे मेरी जितनी मुलाकातें हुईं हैं उन सब में मुझे आप कभी बनावटी, झूठे और मक्कार नहीं लगे। आपने खुद को गुनाहों का देवता माना। कई साल पहले आप ‘कथाक्रम’ में हिस्सा लेने लखनऊ आए थे। और मैंने एक अखबार के लिए आपका इंटरव्यू लिया था। जिसमें मैंने आपसे पूछा था कि ‘आपके दोस्त बताते हैं कि आप अपनी फ्रिज में वियाग्रा रखते हैं?’

Daya Sagar : प्रिय राजेन्द्र जी, मुझे आप पर पूरा यकीन है। मनु, सुशीला, आभा जैसी लड़कियों से गांधी के अनर्गल संबंधों को लेकर भी कम्बखत लोग इसी तरह से दुष्प्रचार करते रहे हैं। आपसे मेरी जितनी मुलाकातें हुईं हैं उन सब में मुझे आप कभी बनावटी, झूठे और मक्कार नहीं लगे। आपने खुद को गुनाहों का देवता माना। कई साल पहले आप ‘कथाक्रम’ में हिस्सा लेने लखनऊ आए थे। और मैंने एक अखबार के लिए आपका इंटरव्यू लिया था। जिसमें मैंने आपसे पूछा था कि ‘आपके दोस्त बताते हैं कि आप अपनी फ्रिज में वियाग्रा रखते हैं?’

और तब आपने हंसते हुए कहा था कि- ‘तुम भी यार, वियाग्रा भी कोई फ्रिज में रखने की चीज है।’ तब मुझे अपनी नासमझी पर अफसोस भी हुआ था। फिर आपकी महिला मित्रों को लेकर कुछ सवाल हुए थे। इंटरव्यू हूबहू छपा। आपका तो फोन नहीं आया लेकिन दिल्ली से आपकी उस महिला मित्र और नामचीन बोल्ड लेखिका ने फोन पर मुझसे बड़ी मासूमियत से पूछा था- ‘क्या मैं आपको ऐसी औरत लगती हूं।’

और सच कहूं तो उस दिन से मंटो की तरह मेरी भी बोल्ड लेखिकाओं के बारे में धारणा बदल गई। लेसबियन औरतों पर लिखी विवादित कहानी ‘लिहाफ’ के बारे में इस्मत चुगताई से मंटो ने एक दफा पूछा था कि- ‘आखिर तूने लिहाफ में झांक कर ऐसा क्या देखा जो तेरी चीख निकल गई?’ इस्मत बेतरह शरमा गई। मंटो ने कहा- ‘कम्बखत आखिर ये भी औरत निकली।’

खैर, पुरानी बातें जाने दीजिए। आप पहले ही बता चुके हैं कि आदमी की निगाह में औरत एक शरीर है, सेक्स है और वहीं से उसकी स्वतंत्रता की चेतना और स्वतंत्र व्यवहार पैदा होते हैं। अब इस सत्य का आपको बखूबी अंदाजा भी हो गया होगा। अनिल यादव भी मेरा दोस्त है और जितना मैं उसे जानता हूं वह लिखने पढ़ने में काफी हद तक ईमानदार है। सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए वह अनर्गल बातें कभी नहीं लिखेगा।

अगर यह बातचीत निजी स्तर पर थी (जो यकीनन रही होगी) तो अनिल को इसे सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थी। पत्रकारिता के पेशे में ये बेशक एक गुनाह है। खासतौर से ऐसे मौके पर जब ज्योति कुमारी ने एक बुजुर्ग को मुसीबतों के कटघरे में खड़ा कर रखा है। दोनों तरफ विश्वसनीयता का गजब संकट है। दोनों कसमे खा-खा कर एक दूसरे को बाप-बेटी मान रहे हैं लेकिन कम्बखत दुनिया यह यकीन नहीं कर पा रही। लानत है ऐसी दुनिया पर।

मैं ज्योति मोहतरमा को तो नहीं जानता लेकिन आपको बखूबी जानता हूं। और जितना जानता हूं उसकी बिना पर कह सकता हूं कि औरतों की आजादी को लेकर आपमें एक खास तरह का पागलपन की हद तक उत्साह है। ज्योति जैसी लड़कियों को ‘ज्वाला’ बनाने की जो तरक्कीपसंद मुहिम आपने बा-जरिए ‘हंस’ छेड़ी थी, अब मान लीजिए उसमे आप खासे कामयाब हो गए हैं। गांधी के प्रयोग तो नाकाम रहे लेकिन आपके क्रान्तिकारी प्रयोग आपके जीते जी सफल हो रहे हैं। बधाई।

खुदा आपको लम्बी उम्र दे और परहेज करने की ताकत अता फरमाए।

लेखक दयाशंकर शुक्ल 'सागर'  दैनिक हिंदुस्तान, इलाहाबाद के स्थानीय संपादक हैं. उनका यह लिखा उनके ब्लाग 'शब्द-नि:शब्द' से लेकर यहां प्रकाशित किया गया है.


पूरे प्रकरण को समझने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों पर क्लिक करें…

कभी सीने से चिपका विपका लिया, सहला दिया, और क्या होना है : राजेंद्र यादव

xxx

जब मैं समझ गई कि राजेंद्र यादव के घर से बच कर निकलना नामुमकिन है, तब मैंने सौ नंबर मिलाया

xxx

राजेंद्र यादव ने तरह-तरह के एसएमएस भेजे, वे साहित्यिक व्यक्ति हैं, इसलिए उनकी धमकी भी साहित्यिक भाषा में थी

xxx

'तहलका' में अगर मेरा कोई बयान आता है, तो उसे फर्जी माना जाए : ज्योति कुमारी

xxx

राजेंद्र यादव ने चुप्पी तोड़ी, कहा- मैंने हमेशा ज्योति कुमारी को अपनी बेटी की तरह माना है

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...