भाजपा के नेताओं ने ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि उसके इतने बुरे दिन आने वाले हैं। वह टिकट दे रही है और घोषित प्रत्याशी कह रहा है कि वह भाजपा का प्रत्याशी नहीं है, इससे भाजपा की फजीहत हो रही है। सिर पर चुनाव होने के कारण इस फजीहत की भरपाई कर पाना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।
इंतजार की इंतहा पार करने के बाद भाजपा ने दो दिन पहले प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की थी, जिसमें जनपद बदायूं के गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र से राजेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन राजेश यादव का कहना है कि उन्हें टिकट नहीं चाहिए। उन्होंने पार्टी से मना भी कर दिया है। अब वह जद यू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
राजेश यादव द्वारा टिकट वापस करने पर भाजपा की जनपद बदायूं में ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर बेहद फजीहत हो रही है, क्योंकि भाजपा का दावा है कि उसके पास हर विधान सभा क्षेत्र से दावेदारों की लंबी सूची है, जिनमें से वह समीक्षा कर सशक्त प्रत्याशी चुन रही है, ऐसे में चुना गया सशक्त प्रत्याशी ही कह रहा है कि उसे भाजपा से नहीं लडऩा। ठीक चुनाव के मौके पर हुई इस घटना से भाजपा को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि जनपद के बाकी विधान सभा क्षेत्रों में भी भाजपा अब सीधी लड़ाई में शामिल नहीं हो पायेगी।
बदायूं से बीपी गौतम की रिपोर्ट.






