Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

राज्‍य सरकार मीडिया पर प्रतिबंध लगाए तो केंद्र दखल नहीं कर सकता : तिवारी

नई दिल्ली : कश्मीर घाटी में चार दिनों से अखबारों पर लगे प्रतिबंध की आलोचना के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने गुरुवार को कहा कि जब कोई राज्य सरकार मीडिया पर प्रतिबंध लगाती है तो इसमें केंद्र सरकार दखल नहीं दे सकती। इंडियन वुमेंस प्रेस कोर की यहां आयोजित बैठक में महिला पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए तिवारी ने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा करने की जवाबदेही केंद्र और राज्य सरकारों की है। राज्य सरकारों को हालांकि कानून एवं व्यवस्था कायम रखने के लिए विशेष शक्तियां प्राप्त हैं। सवाल इन दो सत्ता केंद्रों के इर्दगिर्द घूम रहा है। और यह जटिल मुद्दा है।’’

नई दिल्ली : कश्मीर घाटी में चार दिनों से अखबारों पर लगे प्रतिबंध की आलोचना के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने गुरुवार को कहा कि जब कोई राज्य सरकार मीडिया पर प्रतिबंध लगाती है तो इसमें केंद्र सरकार दखल नहीं दे सकती। इंडियन वुमेंस प्रेस कोर की यहां आयोजित बैठक में महिला पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए तिवारी ने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा करने की जवाबदेही केंद्र और राज्य सरकारों की है। राज्य सरकारों को हालांकि कानून एवं व्यवस्था कायम रखने के लिए विशेष शक्तियां प्राप्त हैं। सवाल इन दो सत्ता केंद्रों के इर्दगिर्द घूम रहा है। और यह जटिल मुद्दा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो राज्य उग्रवाद, वाम चरमपंथ या अलगाववादी आंदोलनों से प्रभावित हैं वहां कानून एवं व्यवस्था की समस्या है। इसलिए वहां प्रतिबंध लगाने का फैसला राज्य सरकार को लेना है, इसमें केंद्र कैसे हस्तक्षेप कर सकता है। जमीनी स्तर पर हालात से निपटना राज्यों का काम है।’’ केंद्रीय मंत्री ने हालांकि कहा कि मीडिया आत्म-नियमन कर कोई रास्ता निकाल सकता है।

तिवारी ने कहा, ‘‘जिन दिनों पंजाब में उग्रवाद चरम पर था, हमने वहां अखबारों पर प्रतिबंध लगते नहीं देखा था। उस समय कोई टीवी चैनल नहीं थालेकिन अखबारों ने काफी हद तक आत्म-संयम बरता था।’’ उल्लेखनीय है कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को नौ फरवरी को दिल्ली में फांसी दिए जाने के बाद कश्मीर घाटी में चार दिनों तक अखबारों पर प्रतिबंध लगा रहा। बुधवार से वहां अखबार फिर से छपने लगे हैं। (पंके)

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...