इंदौर। डेढ़ साल पहले राज एक्सप्रेस के प्रोडक्शन मैनेजर व एक कर्मचारी को लुटनेवाले आदतन लुटेरे लखन जाट व उसके साथी को इंदौर की सेशन कोर्ट ने 28 जनवरी को सजा सुनाई है। उसने इस वारदात के अलावा तीन अन्य वारदातें की थी। घटना 26 जून 2010 की रात सवा दो बजे की है। राज एक्सप्रेस के प्रोडक्शन यूनिट का एक कर्मचारी यशवंत विश्वकर्मा बाईक से तत्कालीन प्रोडक्शन मैनेजर नितिन श्रीवास को उनके संचारनगर स्थित घर पर छोड़ने जा रहा था। जब वे बंगाली चौराहे पर पहुंचे तो स्कीम नंबर 78 में लूट व हत्या की वारदात को अंजाम देकर काली बाईक पर गुजर रहे लखन पिता रमेश जाट (19 साल) व अमित उर्फ भय्यू पिता अशोक आदीवाल (20 साल) दोनों निवासी परदेशीपुरा की नजर इन पर पड़ी।
उन्होंने बाईक चला रहे यशवंत को ओवरटेक कर रोका। इसके बाद लखन व अमित ने नितिन श्रीवास का मोबाईल साढ़े 9 हजार रूपए नकद रखे पर्स व सोने का लॉकेट लूट लिया, उसके बाद वे यशवंत से उसके पास मौजूद सामान मांगा तो यशवंत ने विरोध किया। इस पर दोनों ने उसकी जांघ पर चाकू मारा और चाकू अड़ाकर उसका भी मोबाईल, 9200 रूपए रखे पर्स व बाईक छीनी और भाग निकले। पुलिस खजराना ने मामले में लूट का केस कायम किया था। इसके बाद लखन की घेराबंदी हुई तो उसने 28 जून 2010 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बाद में उसकी निशानदेही पर घटना के 10 दिन के भीतर लूटी गई बाईक जब्त की गई थी। मामला अदालत में चला जहां शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश डीएन मिश्र ने लखन व अमित को लूट के जुर्म में पांच साल के कठोर कारावास एवं दो हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया। हांलाकि उन्हें यशवंत को चाकू मारने के आरोप से बरी कर दिया है।
आदतन लुटेरा लखन जाट नाइट्रावेट का आदी है। उसने 26 जून 2010 जून की रात महज ढाई घंटे के अंतराल में छह थानों की सीमाएं लांघ कर चार वारदातें को अंजाम दिया था। शुरूआत सबसे पहले रात 1.45 बजे लसूड़िया थाना क्षेत्र के स्कीम-78 से हुई थी, यहां हीरोपुक से गुजर रहे अभिषेक पांडे व जितेंद्र चौहान को लखन व अमित ने निशाना बनाया और उनसे मोबाइल व घड़ी छीनने के बाद अभिषेक की जांघ में चाकू मार दिया। वारदात के समय जितेंद्र जान बचाकर भाग गया था जब तक वह वापस लौटा तब तक अधिक खून बहने से अभिषेक की जान चली गई थी। इस घटना के आधा घंटे बाद उक्त लुटेरों ने खजराना थाना क्षेत्र के बंगाली चौराहे के पास नितिन श्रीवास और यशवंत को ओवरटेक कर बाइक, मोबाइल, पर्स, सोने की चेन व हजारों रुपए लूटे। इसके एक घंटे बाद इन्हीं बदमाशों ने छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में मुराई मोहल्ला में छात्र अवनीश को चाकू मारकर एटीएम कार्ड व रुपए लूट लिए थे, यहां से वे जवाहर मार्ग पहुंचे और होमगार्ड रामप्रसाद चौहान से बाइक लूटकर भाग निकले थे।
पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक आरोपी अमित आदिवाल को गिरफ्तार कर लिया था जबकि लखन भाग गया था, लखन की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 15 हजार का ईनाम रखा था। 28 जून 2010 को पुलिस को सुबह से ही सूचना थी कि लखन जिला कोर्ट में सरेंडर करनेवाला है इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही, दोपहर करीब 12 बजे लखन जिला कोर्ट पहुंचा और वहां प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुशीलकुमार जोशी की अदालत में सरेंडर कर दिया जहां उसके खिलाफ परदेशीपुरा थाने में मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के मामले में पुराना केस दर्ज था और 27 अगस्त 2009 से गिरफ्तारी वारंट जारी था। उसने इसी केस में ‘सरेंडर’ किया था जबकि लसूड़िया पुलिस उसे हत्या के मामले में ‘खोजती’ रह गई। इसके बाद लखन पर रासुका भी लगाई गई थी।





