Yashwant Singh : अभिनव भाई, कह तो आप सही रहे हैं लेकिन यह सभी जानते हैं कि हम लोग किसी छोटे मोटे मित्र दोस्त यार से तो पट सकते हैं लेकिन राडियाओं और अंबानियों से कतई नहीं.. जब राडिया टेपकांड वाला मामला हुआ था तो उनकी पीआर एजेंसी का एक सीनियर बंदा हम लोगों से मिलने के लिए, मीटिंग के लिए पीछे पड़ गया… सीपी में मिलना तय हुआ.. मैं अपने साथ एहतियातन एक थर्ड मैन, जो एक वेबसाइट के एडिटर हैं, उन्हें ले गया… वो डील करने लगा… मैं बीयर पीता रहा…
फिर अचानक उसे गरियाना शुरू कर दिया.. नीचे पान खाने के लिए जाने के दौरान… उससे कहा गया कि हरामखोर जाकर राडिया आंटी से कह देना कि हम जैसे सड़कछाप लोग तुमसे नहीं मैंनेज हो सकते, मैनेज हमेशा बड़े लोग होते हैं.. मेरे साथ जो साथी थे, उनने खूब आनंद लिया.. Sanjay Tiwari जी गवाही देंगे… तो भइया.. हम आपसे मैनेज हो जाएंगे और अंबानियों से आशुतोष – राजदीप …
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Sanjay Tiwari जब भगवान देता है तो इसी तरह छप्पर फाड़कर देता है। वैसे राडिया प्रकरण वाली घटना सही है। बतौर गवाह हम भी वहां मौजूद थे। यशवंत के व्यवहार से मैं भी हतप्रभ था। पहले तारीफ और मेल मुलाकात फिर गाली। बाद में यशवंत ने कहा कि ये साले दलाल हैं… आपको पता नहीं, इसी तरह ये लोगों को फंसाते हैं…
फेसबुक पर उपरोक्त टिप्पणियां भड़ास के एडिटर यशवंत के एक स्टेटस के दौरान आईं. संजय तिवारी विस्फोट डाट काम के संस्थापक और संपादक हैं. मूल पोस्ट और उस पर आईं सभी टिप्पणियों को यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं…
जाने किसने भड़ास के एकाउंट में तैंतीस हजार दो सौ रुपये डाल दिए!






