नई दिल्ली। नीरा राडिया टेप मामले में उद्यमियों और नौकरशाहों के साथ हुई बातचीत के आधार पर दर्ज 14 शुरुआती रिपोर्ट (पीई) में सीबीआई को ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिसे अपराध की श्रेणी में रखा जा सके। जांच एजेंसी जल्द ही सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दे सकती है। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने सभी टेपों की गहनता से जांच की, लेकिन उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिसके आधार पर 14 पीई में से किसी एक में भी केस दर्ज किया जा सकता।
अगले महीने होने वाली सुनवाई में एजेंसी सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दे देगी। सूत्र ने बताया कि केस को बंद करने या जांच जारी रखने पर फैसला सर्वोच्च अदालत के निर्देशानुसार लिया जाएगा। इस संबंध में टीवी चैनल के एक पत्रकार और समाचार पत्र समूह के अधिकारी से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है।






