पटना से खबर आ रही है कि परसों वहां के स्थानीय संपादक हरीश पाठक को सहारा प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से नोएडा अटैच करने का फरमान सुना दिया. उनकी जगह दयाशंकर राय को पटना का नया स्थानीय संपादक बनाया गया है. कल दयाशंकर राय ने पटना जाकर अपना कामधाम संभाल लिया है. उधर, हरीश पाठक ने भी नोएडा पहुंकर अपनी आमद दर्ज करा दी है. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने कई वजहों से हरीश पाठक को नोएडा अटैच किया है. उनको लेकर कई तरह की शिकायतें प्रबंधन के पास आ रही थी.
पटना में हरीश पाठक ने करीब चार साल की लंबी पारी खेली. साहित्यिक बैकग्राउंड वाले हरीश पाठक कई अखबारों व पत्रिकाओं में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. देखना है कि वे नोएडा में बनवास के दिन गुजारते हैं या फिर इस्तीफा देकर कहीं और नई पारी शुरू करते हैं. उधर दयाशंकर राय पर सहारा की अपार नजरे इनायत जारी है. दयाशंकर को संकटमोचक की तरह इधर से उधर दौड़ाया जा रहा है. पिछले दिनों उन्हें लखनऊ से बनारस भेजा गया था. फिर बनारस से नोएडा बुलाया गया था. अभी डेढ़ महीने भी नहीं हुए कि उन्हें नोएडा से पटना भेज दिया गया. उसके पहले उन्हें लखनऊ से देहरादून भेजा गया था और फिर देहरादून से लखनऊ वापस बुला लिया गया था. लखनऊ, देहरादून, बनारस, नोएडा, पटना…. इतने शहरों की कुछ महीनों के भीतर ही यात्रा करके दयाशंकर राय ने सहारा में नया रिकार्ड बनाया है.






