गोरखपुर : राष्ट्रीय सहारा प्रबंधन ने अपने लापरवाह कर्तव्य योगियों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है. अब सभी कर्तव्ययोगी को इन-आउट रजिस्टर पर बिलम्ब से आने का कारण दर्ज करना होगा. नए फरमान के अनुसार 10 मिनट तक देर से आने की छूट है. इसके बाद अपनी शिफ्ट में जो कर्मचारी बिलम्ब से आयेगा, उसे कारण बताना होगा. दो दिन लगातार बिलम्ब होने पर एक दिन का साप्ताहिक अवकाश कटेगा. हाजिरी बनाकर गेट से बाहर जाने वाले कर्मचारियों को गेट पर रखे रजिस्टर पर बाहर जाने का कारण दर्ज करना होगा.
शुक्रवार को इस आदेश की प्रति प्रबंधक पीयूष बंका के हस्ताक्षर से चस्पा कर दिया गया है. बताया जाता है कि गोरखपुर राष्ट्रीय सहारा में ज्यादातर कर्मचारी अपना दस्तखत बना कर गायब हो जाते थे, जिससे अखबार का काम प्रभावित होता था. इतना ही नहीं सभी कर्तव्य योगियों को प्रत्येक शनिवार को कंपनी के यूनिफार्म में आने की सख्त हिदायत दी गई है. जिस पर आज से ही अमल होना है. सहारा में काला पैंट, सफ़ेद शर्ट, काला जूता और कंपनी के मोनोग्राम वाली टाई बहुत जरुरी है. अब प्रबंधन का यह लगाम कितने दिन प्रभावी रहेगा यह तो भविष्य में तय होगा, लेकिन बताया जाता है कि इस प्रकार के आदेश कई बार निकले, लेकिन प्रभावी नहीं रहे.
हालांकि इसका कारण यह है कि जो कर्मचारी ऊपर किसी को पकडे़ हैं, वे नीचे के आदेश को अपने ठेंगे पर रखते हैं. सहारा में लगभग पचीस प्रतिशत कर्मचारी ऊपर के ही सिफारिश पर हैं. हस्ताक्षर बनाकर गायब रहना राष्ट्रीय सहारा, गोरखपुर के कर्मचारियों की आदतों में शुमार है. पर्सनल विभाग की मिलीभगत से चार-चार घंटे बिलम्ब से आने वाले कर्मचारी अपना हस्ताक्षर बना लेते थे. कम्पनी ने इन-आउट मशीन लगाया, तो लोग इन करने के तुरंत बाद गायब हो जाते थे. अब देखना यह है कि कितने लोग गेट पर रखे रजिस्टर पर बाहर जाने का कारण दर्ज करते हैं. जब अपने दर्ज करना है तो क्यों दर्ज करेंगे. फिलहाल प्रबंधन के कल के फैसले से कामचोर कर्मचारी घबराए हुए हैं.






