Yogesh Kumar Sheetal : अच्छी खबर है। करीब तीन साल पहले बेगूसराय में ट्रैफिक चौक पर वर्दी के तैश में एक थाना प्रभारी ने एक रिक्शाचालक को धुन दिया था। मौके पर फोटो ले रहे "प्रभात खबर" के संवाददाता से भी मारपीट की। मैं तब वहां रिपोर्टिंग करता था। "पी यू सी एल" ने इस मामले को संज्ञान में लिया था और तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दी। तीन सदस्यों में एक नाम मेरा भी शामिल किया गया।
इसकी रिपोर्ट के आधार पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने कल दिए एक आदेश में आरोपी थाना प्रभारी के वेतन से पचास हज़ार रूपये काटकर रिक्शाचालक को देने को कहा है और विभाग से भी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। आज वहां के अखवारों में ये खबर प्रमुखता से छपी है। रामाश्रय सर के जज्बे को सलाम।
युवा पत्रकार योगेश कुमार शीतल के फेसबुक वॉल से.






