: दिल्ली पुलिस पर भी लगा एक लाख का जुर्माना : कानूनी खर्च भी देने का आदेश : नई दिल्ली : वर्ष 2005 में हुए दुष्कर्म के एक मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस व एक न्यूज चैनल पर कुल साढ़े छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
उच्च न्यायालय के जस्टिस विपिन सांघी ने कहा कि मामले में एक लाख रुपये की राशि पुलिस को और पांच लाख रुपये की राशि न्यूज चैनल को चार सप्ताह के भीतर जमा करानी होगी। यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त दोनों आरोपियों द्वारा याचिकाकर्ता महिला को 25-25 हजार रुपये की राशि कानूनी खर्च के रूप में भी देनी होगी।
उच्च न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह डीसीपी स्तर के अधिकारी से यह जांच कराए कि दुष्कर्म के मामले की एफआइआर की जानकारी किस पुलिसकर्मी के माध्यम से मीडिया तक पहुंची। उस पर उचित कार्रवाई कराई जाए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाए कि जांच किसी अन्य क्षेत्र के डीसीपी को दी जाए, ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे और जांच के दौरान पीड़िता की पहचान को लेकर भी गोपनीयता बरती जाए। यह जांच पुलिस को चार महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
बता दें कि एक नाबालिग लड़की ने मां के माध्यम से दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस आयुक्त व एक न्यूज चैनल के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने 2 अगस्त, 2005 को अपने पिता के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस मामले की एफआईआर के तथ्य पुलिस ने मीडिया के समक्ष उजागर कर दिए। इसके चलते उनके संबंध में पहले 4 अगस्त, 2005 को एक अखबार ने खबर प्रकाशित की और 7 अगस्त, 2005 को एक निजी न्यूज चैनल ने खबर प्रसारित की। प्रसारित खबर में उसके पिता का नाम, नौकरी और उनकी कालोनी तक के दृश्य दिखाए गए। इससे पीड़िता की पहचान उजागर हो गई और काफी मानहानि हुई। (जागरण)