दुर्गाशक्ति का मामला राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश और सपा सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। दुर्गा से जुड़े सवाल अखिलेश का कहीं भी पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह अखिलेश यादव कामधेनु डेयरी योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे। यहां भी उन्होंने खुद को दुर्गा निलंबन मामले से जुड़े सवालों से घिरा पाया। जैसे ही अखिलेश कुक्कुट विकास योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र सौंपकर पत्रकारों से मुखातिब हुए, सवालों की बारिश होने लगी।
एक पत्रकार के सवाल पर अखिलेश बिफर पड़े और बोले, 'आप मोबाइल पर मैसेज देखकर सवाल क्यों पूछते हैं? मैं ऐसे सवालों का जवाब नहीं दूंगा।' इतना ही नहीं, अखिलेश यह भी बोल गए, 'मेरे पास भी मैसेज आया है कि मेरी लोकप्रियता घट रही है।' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर अखिलेश ने कहा कि दुर्गाशक्ति मामले पर संसद में पार्टी के बहुत से लोग मौजूद हैं। सदन में नेता जी यानी मुलायम सिंह यादव ही इस मामले पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी दुर्गाशक्ति मामले को लेकर मीडिया और आईएएस एसोसिएशन पर बरसे। उन्होंने पत्रकारों की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'हमें आपके बीच मौजूद कुछेक जो काली भेड़ हैं, उनकी पहचान करनी चाहिए।'
दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को लेकर चारों तरफ से घिरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मीडिया पर खीझ निकालते हुए कहा कि पूरे मामले में जल्द सच्चाई सामने आ जाएगी। अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने कहा कि एक पत्रकार ने उनके मोबाइल पर मैसेज करके कहा कि दुर्गा शक्ति नागपाल के मुद्दे पर सरकार की तरफ से जिस तरह कार्रवाई हुई, उससे आपकी लोकप्रियता खत्म हो गई। अखिलेश के मुताबिक उस पत्रकार मित्र ने उन्हें बताया कि 2333 लोगों पर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें से 95 फीसदी से ज्यादा ने समाजवादी सरकार के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने उस पत्रकार के नाम का खुलासा करने से इंकार कर दिया। अखिलेश ने सवाल किया कि यदि कोई अधिकारी गलती करता है तो उस पर कार्रवाई करना क्या गलत है?
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से नागपाल को आरोप पत्र दे दिया गया है। जवाब आने के बाद अधिकारी जांच करेंगे और सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। यह पूछे जाने पर कि स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की रिपोर्ट में तो नागपाल का जिक्र ही नहीं हैं। ऐसे में किस आधार पर नागपाल के खिलाफ कार्रवाई हुई। इस सवाल पर टालने वाला जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जमीन पर जाएंगे तो सारी सच्चाई पता चलेगी। नोएडा से समाजवादी पार्टी (सपा) के लोकसभा उम्मीदवार एवं कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त नेता नरेंद्र भाटी द्वारा निलंबन का दावा करने के बाद अब एलआईयू रिपोर्ट सामने आई है, और इसके बाद अखिलेश सरकार बुरी तरह घिर गई है।






