Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

लखनऊ के प्रदर्शनकारी पत्रकारों की मांग- मीडिया संस्‍थानों पर दबाव बनाएं सियासी पार्टियां

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मीडिया कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार से इस मामले में मीडिया संस्थानों पर दबाव बनाने की मांग की। कन्फेडरेशन ऑफ न्यूज पेपर इम्पलाइज के बैनर तले हुए इस प्रर्दशन में 100 से ज्यादा पत्रकार व गैर पत्रकार मीडिया कर्मचारी शामिल थे। प्रेस क्लब के गेट पर हुए इस प्रर्दशन में मीडिया कर्मियों ने राजनैतिक दलों से भी मांग की कि वो अपने स्तर से हस्तक्षेप करें और मालिकों पर वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने का दबाव बनाएं।

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मीडिया कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार से इस मामले में मीडिया संस्थानों पर दबाव बनाने की मांग की। कन्फेडरेशन ऑफ न्यूज पेपर इम्पलाइज के बैनर तले हुए इस प्रर्दशन में 100 से ज्यादा पत्रकार व गैर पत्रकार मीडिया कर्मचारी शामिल थे। प्रेस क्लब के गेट पर हुए इस प्रर्दशन में मीडिया कर्मियों ने राजनैतिक दलों से भी मांग की कि वो अपने स्तर से हस्तक्षेप करें और मालिकों पर वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने का दबाव बनाएं।

प्रर्दशन के बाद हुयी सभा में पीटीआई इम्पलाइज यूनियन के यूपी अध्यक्ष राकेश पांडे ने कहा कि मीडिया कर्मियों के लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें मान तो लीं पर अब उन्हें लागू करने में अखबार मालिक आनाकानी कर रहे हैं। पांडे ने कहा कि बड़े अखबारी समूह हर हाल में वेज बोर्ड को लागू नही होने देना चाहते हैं और इसके लिए अदालत का सहारा लेने में नही चूक रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों को वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करवाने के लिए लंबी लड़ाई लडऩे के लिए तैयार होना होगा।

यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने कहा कि पत्रकारों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रेस कांउसिल के चेयरमैन ने भी कहा कि न्याय संगत बात के लिए किसी अखबार का सरकारी विज्ञापन बंद करना कहीं से भी गलत नहीं है। सिद्दीकी ने कहा कि जो मीडिया समूह वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू नहीं करते उनके सरकारी विज्ञापन बंद किए जाएं।

आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय सचिव हेमंत तिवारी ने कहा कि दुर्भाग्‍य की बात है कि देश का सबसे बड़ा हिंदी अखबार होने का दावा करने वाला समूह अपने कर्मचारियों से जबरन इस शपथपत्र पर दस्तखत करवा रहा है कि उन्हें वेज बोर्ड नहीं चाहिए। तिवारी ने कहा कि वेज बोर्ड को लागू न होने देने के लिए सभी आखबार मालिकों ने हाथ मिला लिया है। उनका कहना था कि अखबार मालिकानों का मुनाफा बढ़ता जा रहा है और पत्रकारों का शोषण भी बढ़ता जा रहा है। हेमंत ने कहा कि पत्रकारों को एकजुट होकर अखिल भारतीय स्तर पर वेज बोर्ड के लिए जंग छेडऩी होगी।

यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रवींद्र सिंह ने कहा कि पेड न्यूज के लिए अखबार मालिकों ने पत्रकारों का इस्तेमाल किया और अपनी झोली भरी। उन्होंने चिंता जतायी कि आज राजनेता भी पत्रकारों के खिलाफ अखबार मालिकों के साथ नजर आते हैं। वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के पदाधिकारी अभिनव पांडे ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता बहुत जरूरी है बिना उसके वेतन भत्तों के साथ-साथ काम करने के हालात नहीं सुधरेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि वो अपने दल के शीर्ष नेताओं तक पत्रकारों की बात पहुंचाएंगे और अनुरोध करेंगे कि वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू कराने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करें। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मुजीबुर्रहमान बबलू ने कहा कि उनकी पार्टी पत्रकारों व मीडिया कर्मियों पर होने वाले किसी अन्याय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी पत्रकारों के हक के लिए सडक़ पर उतर कर लड़ाई लड़ेगी। सभा में पीटीआई यूनियन के महासचिव राकेश, शलभ, इंडियन एक्सप्रेस के मनोज व कई अन्य शामिल थे।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...