Rahul Anand : यूपी में पत्रकारों का इतना भौकाल है कि पूछिए मत. यहाँ लखनऊ के हजरतगंज से पास होने वाली हर दूसरी बाइक पर प्रेस लिखा रहता है। प्रेस क्लब में रहने के दौरान जब एक वरिष्ठ पत्रकार से पूछा कि ये सब क्या मांजरा है ? उन्होंने बताया कि यहाँ लखनऊ में पत्रकारों की भेष में ढेर सारे छदम पत्रकार घूमते रहते हैं। वे अपनी गाडी में प्रेस लिखवाकर आम आदमी तथा छोटे मोटे पुलिसवाले पर धौंस जमाते हैं।
उन्होंने कहा की मै ऐसे कई लोगों को जानता हूँ,जो सिर्फ प्रेसवार्ता बाद मुफ्त में दारु शराब और खाना खाने के लिए ऐसा करते है। हाँ ये सच है कि लखनऊ विशुद्ध रूप से हिन्दिभाषी क्षेत्र है,इसलिए यहाँ अखबार भी बहुत ज्यादा हैं, लेकिन सिर्फ अपने निजी फायदे के लिए इस प्रोफेशन को गन्दा करना निहायत ही घटिया काम है।
राहुल आनंद के फेसबुक वॉल से.





