हेलो सर, मैं लखनऊ पायनियर का सीनियर कर्मचारी हूं। सर मैं आपको बताना चाहता हूं कि लखनऊ पायनियर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों जगहों पर 3 महीने से सेलरी नहीं मिल रही है। यहां पर संपादक विजय सिंह की दादागिरि देखने को मिल रही है। सर आप समझ सकते हैं कि हम लोग अपना खर्च कैसे चलायें, जब तीन महीने से सेलरी नहीं मिली हो।
एक तरफ अखबार के मालिक चंदन मित्रा जो कि भाजपा के सांसद हैं, कालेधन पर लड़ रहे हैं और दूसरी तरफ अपने ही कर्मचारियों का पैसा मार कर बैठे हैं। जब लोग उनसे सेलरी के बारे में पूछते हैं तो कोई जवाब नहीं मिलता। हम लोग क्या करें, आप बतायें।
एक पत्रकार
लखनऊ से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






