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लखनऊ में बुजुर्ग पत्रकार सैयद अख्तरूल मुल्क को मदद की दरकार

Kumar Sauvir : एक बुजुर्ग पत्रकार अपनी आखिरी सांसें ले रहा है, लेकिन सिविल अस्प‍ताल के डॉक्टरों को उनकी परवाह नहीं। यह बुजुर्ग पत्रकार लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय यानी सिविल अस्पताल में फर्श पर बेहोश पड़ा है। वजह है 20 हजार रुपया, जो यहां के डॉक्ट‍र मांग रहे हैं। जाहिर है कि यह घूस की रकम मांगी जा रही है। नतीजा यह है कि यह पत्रकार हर सांस पर अपनी मौत की रवानगी दर्ज करवा रहा है। यह हालत तब है जबकि प्रदेश सरकार ने पत्रकारों को नि:शुल्क चिकित्सा की व्यवस्था का ऐलान कर रखा है।

Kumar Sauvir : एक बुजुर्ग पत्रकार अपनी आखिरी सांसें ले रहा है, लेकिन सिविल अस्प‍ताल के डॉक्टरों को उनकी परवाह नहीं। यह बुजुर्ग पत्रकार लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय यानी सिविल अस्पताल में फर्श पर बेहोश पड़ा है। वजह है 20 हजार रुपया, जो यहां के डॉक्ट‍र मांग रहे हैं। जाहिर है कि यह घूस की रकम मांगी जा रही है। नतीजा यह है कि यह पत्रकार हर सांस पर अपनी मौत की रवानगी दर्ज करवा रहा है। यह हालत तब है जबकि प्रदेश सरकार ने पत्रकारों को नि:शुल्क चिकित्सा की व्यवस्था का ऐलान कर रखा है।

यह कहानी है अंग्रेजी के दैनिक समाचारपत्र नेशनल हेराल्ड में वरिष्ठ रिपोर्टर रहे सैयद अख्तरूल मुल्क की। कई बरस पहले श्री मुल्क को हृदयाघात हुआ था। डाक्टरों ने उनकी बाईपास सर्जरी करवाई थी। तब सैयद मियां की माली हालत दुरूस्त थी, सो कोई बड़ी दिक्कत नहीं आयी, लेकिन कल रात अचानक उनकी तबियत बहुत खराब हो गयी। सुबह-सुबह उनके घरवाले उन्हें लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां इमर्जेंसी में उनके डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उन्हें दिल के डॉक्टर से राय-मशविरा करके बताया कि सैयद मियां की तबियत ज्यादा खराब है, उन्हें सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया जाना जरूरी।

देखभाल करने वालों ने जब इसके लिए हां कह दिया तो वहां मौजूद डॉक्टर ने इसके लिए उनसे 20 हजार रूपयों की मांग कर ली। चूंकि इतनी रकम का इंतजाम उनके तिमारदार नहीं कर पाये तो उन्हें इमर्जेंसी में ही लेटा रखा गया। लेकिन कुछ ही वक्तद बाद उन्हें बाहर जाने का फरमान जारी कर दिया गया। उनकी देखभाल करने के लिए पहुंचे एक पत्रकार संजोग वाल्टर का कहना है कि उन्होंने जब डॉक्टर को प्रायवेट वार्ड में रखने की गुजारिश की तो बताया गया कि इसके लिए केवल किराये के तौर पर रोजाना भी 334 रूपयों का खर्चा आयेगा। कुछ मित्र वहां भी पहुंच गये और प्रस्ताव रखा गया कि यह रोजाना खर्चा सारे दोस्त-आसबाब सहन कर लेंगे, तो अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर खुर्शीद हसन ने उसके लिए 20 हजार रूपयों अदा करने का हुक्म दिया। खैर, अब प्राथमिक समस्या तो है पैसों की व्यवस्था करना। सो, आप सारे दोस्तों से अनुरोध है कि जितना भी कर सकें, सैयद भाई के परिवारों की आर्थिक मदद कर दें। उनके घरवालों का मोबाइल नम्बर 9415582689 और संजोग वाल्टर का मोबाइल नम्बर 9415768680 है।

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.

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