लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराधों पर लगाम कसने के लिए और महिलाओं को विशेष सुरक्षा सहायता मुहैया करवाने के उद्देश्य से महिला हेल्प लाइन 1090 का शुभारम्भ किया था। लेकिन 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंती के दिन महिलाओं के सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली यह सरकारी हेल्पलाइन पूरी तरह फेल होती नजर आई। मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है जहां 1090 हेल्पलाइन ने छेड़छाड़ का शिकार हुई एक महिला पत्रकार को मदद पहुंचाने के बजाय 100 नंबर डायल करने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी को निपटा दिया | जबकि मुख्यमंत्री ने ही इस हेल्पलाइन को शुरू करते वक्त कहना था कि इस व्यवस्था से महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर विश्वास बढेगा |
मामला 2 अक्टूबर की शाम का है जब 'पर्दाफाश टीम' की महिला सहयोगी रोज की तरह घर को वापसी कर रहीं थी, पॉलीटैक्नेक चौराहे से वह जिस टैम्पो में बैठी उसके चालक से गाड़ी में बज़ रहे म्यूजिक सिस्टम की आवाज को कम करने को लेकर दोनों में कहासुनी हो गयी | महिला पत्रकार के विरोध पर भड़के चालक ने आवाज और बढ़ा दी | जिस पर अन्य सवारियों ने भी विरोध किया | इसके बाद टैम्पो चालक ने बीच रास्ते में ही महिला पत्रकार को उसके टैम्पो से उतरने का दबाव बनाया, लेकिन मना करने पर बौखलाए चालक ने उसका हाथ पकड़ कर नीचे खीचने की कोशिश की और गली गलौज भी किया | हालांकि अन्य सवारियों के दवाब में आकार उसने मुंशी की पुलिया चौराहे पर सभी सवारियों को टैम्पो खाली करने की बात कही | इस बीच महिला पत्रकार ने अपने साथ हुई बदतमीज़ी की शिकायत महिला हेल्पलाइन 1090 पर की लेकिन उन्हें किसी प्रकार की मदद के बजाय 100 नंबर पर शिकायत करने की बात कह कर लाइन काट दी गयी |
इस बीच महिला पत्रकार ने मुंशी की पुलिया चौराहे पर न उतर कर खुर्रमनगर तक जाने की बात कही, इस बार उसके साथ टैम्पो में सवार अन्य लोगों ने भी उसका साथ दिया तो चालक लगातार गलियां देते हुए खुर्रमनगर की ओर चल दिया | हद तो तब हो गयी जब टैम्पो चालक ने थोड़ी दूर चलकर अन्य सवारियों को उतरने को कहा, और बोल कि मै इसे अकेले लेकर जाऊंगा। टैम्पो चालक कि दबंगई के बाद अन्य सवारियों को भी गुस्सा आया और उन्होंने कहा कि अब यह ऑटो वहीं रुकेगा जहां ये लड़की उतरना चाहेगी।
मौके को भांपते हुए टैम्पो चालक बीच रास्ते में अपने हेल्पर को गाड़ी देकर भाग निकला और महिला पत्रकार को भविष्य में देख लेने की धमकी भी दे गया | इसके बाद महिला पत्रकार ने खुर्रमनगर पुलिस चौकी पहुंच कर अन्य सवारियों व अपने परिजनों की मदद से टैम्पो चालक के सहयोगी व वहां को पुलिस के हवाले करवा दिया | पुलिस ने महिला पत्रकार की शिकायत पर छेड़छाड़ का मामला दर्जकर टैम्पो चालक के सहयोगी को गिरफ्तार कर मुख्य आरोपी चांद बाल्मीकि की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है |
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी चांद बाल्मीकि टैम्पो नंबर UP 32 CN 2145 चला रहा था | वह इंदरनगर के लवकुश नगर इलाके का रहने वाला है | देर रात तक छानबीन करने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका | उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही महिलाओ से छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाओ के बीच अखिलेश सरकार सो रही हैं और पुलिस प्रशासन लापरवाही बारात रहा है | महिला हेल्पलाइन और पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायतों को टला जाता है, पीड़ित को लिखित शिकायत की सलाह दी जाती है | ये है यूपी की पुलिस।
डीआईजी लखनऊ नवनीत सीकेरा कहते हैं- ''लड़की ने बड़ी बहादुरी का काम किया जिस तरह से इस लड़की ने आवाज उठाई सभी महिलाओं को आवाज उठानी चाहिए क्योंकि जब तक शोर नहीं करेंगे पता नहीं चलेगा''| उन्होंने कहा कि दूसरा दोषी फरार चालक जल्द ही पकड़ा जायेगा , मैं सभी लकड़ियों से अपील करता हूँ कि वह हेल्पलाइन 1090 का फायदा उठाये और अपनी शिकायत दर्ज कराये|
आपको बता दें कि नवनीत सीकेरा जिस महिला सहायता केंद्र से सहायता लेने की बात कही, उस सहायता केंद्र का सच वही सामने आ गया जब नीलोफर रकीम ने मौके पर 1090 से सहायता मांगी| जवाब में किसी महिला कर्मचारी ने फोन उठाया और उसने किसी कम्पूटर शैली में जवाब देते हुए कहा, ''इस मामले में मैं आपकी कोई मदद्त नहीं कर सकती, कृपया आप दूसरी सहायता सुविधा 100 नंबर का इस्तेमाल करें | (साभार- पर्दाफाश)






