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लखीमपुर में बसपा के ब्राह्मण सम्‍मेलन से दूर रखे गए मुस्लिम पत्रकार!

लखीमपुर खीरी के वाईडी डिग्री कालेज में ब्राह्मण महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है. साथ ही पत्रकारों को मैनेज करने का भी प्रयास जारी है, जो अक्सर हर जिले में ऐसे आयोजनों पर दिखता ही है.. इस क्रम में यहां के मुख्यालय स्थित पत्रकारों को एक भव्य भोज दिया गया, जिसमें खाने के साथ पीने का भी इन्तजाम जोर-शोर से था. अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन भी इसी तैयारी का एक हिस्सा है. शुक्रवार यानी आज के लगभग सभी हिंदी अखबारों में विज्ञापन है.

लखीमपुर खीरी के वाईडी डिग्री कालेज में ब्राह्मण महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है. साथ ही पत्रकारों को मैनेज करने का भी प्रयास जारी है, जो अक्सर हर जिले में ऐसे आयोजनों पर दिखता ही है.. इस क्रम में यहां के मुख्यालय स्थित पत्रकारों को एक भव्य भोज दिया गया, जिसमें खाने के साथ पीने का भी इन्तजाम जोर-शोर से था. अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन भी इसी तैयारी का एक हिस्सा है. शुक्रवार यानी आज के लगभग सभी हिंदी अखबारों में विज्ञापन है.

इस महासम्मेलन में सतीश चन्द्र मिश्र संबोधित करने पहुंच रहे हैं जो जिले भर से आये ब्राह्मणों को संबोधित करेंगे. पत्रकारों को इस बाबत एक प्रेस कांफ्रेंस कर कुछ दिनों पहले पूरे कार्यक्रम की रूप रेखा बताई गई थी, लेकिन आगे लिखने से पहले अफ़सोस महसूस हो रहा है. इस प्रेस कांफ्रेंस और भव्य भोज से मुस्लिम पत्रकारों को दूर रखा गया था. इलेक्ट्रानिक मीडिया के मुस्लिम पत्रकार तो पूरे कार्यक्रम की भनक ही न पा सके. अखबारों के माध्यम से ही उन्हें पता चला हालांकि हर चर्चा को बढ़ाने के लिए लगभग सभी पत्रकार दिनचर्या को सामने लाते हैं, लेकिन इस प्रेस कांफ्रेंस, खाने पीने के दौर को सभी ने छुपाये रखा.. और किनारे लगाये गए पत्रकारों को आयोजक से संपर्क भी न करा सके.

वैसे होता यह है कि अक्सर कोई किसी को नहीं बुलाता है, तो दो तीन पत्रकार फोन करके ना आने का कारण पूछते हैं, लेकिन इस दौरान ऐसा भी नहीं हुआ. इस प्रोग्राम में प्रमुख तौर पर नेशनल चैनेल्स से जुड़े रिपोर्टर- शारिक खान, मो.यासीन, शकील सहित अन्य को किनारे रखा गया. एक बिरादरी से जुड़े पत्रकारों को न बुलाना कम्युनिलिज्‍म सा लगता है.. खैर इनसे जब बात की गई तो इन्होंने बुझे मन से इस प्रोग्राम को बहिष्कार करने की बात कही. वजह साफ़ है कि आखिर पत्रकार बेशर्मी का लबादा ओढ़ बिन बुलाये कहां तक जाये. और ऐसे कम्युनल कास्ट बेस प्रोग्राम में तो बमुश्किल.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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