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‘लाइव इंडिया’ बिकने को तैयार, मिल नहीं रहे खरीदार!

लाइव इंडिया न्यूज चैनल के बारे में खबर आ रही है कि इसे अब बेचने का फैसला इसकी पैरेंट कंपनी एचडीआईएल के मालिकों ने कर लिया है. कभी अधिकारी ब्रदर्स से इस चैनल को खरीदने वाले मुंबई के एचडीआईएल समूह का दिल अब इस चैनल से भर चुका है. सूत्रों के मुताबिक एचडीआईएल प्रबंधन लाइव इंडिया चैनल के खुद के पास होने से कोई खास फायदा नहीं देख पा रहा है. दूसरे, एचडीआईएल प्रबंधन अपने जमीन के मूल धंधे में इन दिनों मुश्किलों का सामना कर रहा है. कंपनी के पास बाजार से कैश फ्लो न आने के कारण लाइव इंडिया को दी जाने वाली मासिक बजट पर गाज गिरा दी गई है. इस कारण चैनल अब त्रिशंकु स्थिति में आ चुका है. दिवाली के ठीक पहले कर्मचारियों को सेलरी देकर फौरी तौर पर मुंह बंद कराने का प्रयास किया गया है. लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगले महीने सेलरी मिलेगी या नहीं.

लाइव इंडिया न्यूज चैनल के बारे में खबर आ रही है कि इसे अब बेचने का फैसला इसकी पैरेंट कंपनी एचडीआईएल के मालिकों ने कर लिया है. कभी अधिकारी ब्रदर्स से इस चैनल को खरीदने वाले मुंबई के एचडीआईएल समूह का दिल अब इस चैनल से भर चुका है. सूत्रों के मुताबिक एचडीआईएल प्रबंधन लाइव इंडिया चैनल के खुद के पास होने से कोई खास फायदा नहीं देख पा रहा है. दूसरे, एचडीआईएल प्रबंधन अपने जमीन के मूल धंधे में इन दिनों मुश्किलों का सामना कर रहा है. कंपनी के पास बाजार से कैश फ्लो न आने के कारण लाइव इंडिया को दी जाने वाली मासिक बजट पर गाज गिरा दी गई है. इस कारण चैनल अब त्रिशंकु स्थिति में आ चुका है. दिवाली के ठीक पहले कर्मचारियों को सेलरी देकर फौरी तौर पर मुंह बंद कराने का प्रयास किया गया है. लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगले महीने सेलरी मिलेगी या नहीं.

सूत्रों के मुताबिक एचडीआईएल प्रबंधन अपने मूल धंधे की दिक्कतों में इतना उलझा है कि उसे चैनल पर ध्यान देने की फुर्सत ही नहीं है. साथ ही प्रबंधन हर महीने कई करोड़ रुपये चैनल पर फूंकने और कोई रिटर्न न मिलने की स्थिति से उब चुका है. इस कारण चैनल को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक एचडीआईएल के मालिकों ने चैनल को त्रिशंकु स्थिति में लटकाकर लाइव इंडिया के सीईओ और एडिटर सुधीर चौधरी को एक तरह से इशारा कर दिया है कि वे या तो चैनल को चलाने भर का खर्च खुद जुटाएं या फिर चैनल को किसी अन्य को बिकवाने में मदद करें.

सूत्रों का कहना है कि लाइव इंडिया चैनल बिक्री के लिए लगभग तैयार है. खरीदारों की तलाश की जा रही है. पर समस्या ये है कि लगातार घाटे में चलने वाले ज्यादातर हिंदी न्यूज चैनलों की दशा-दिशा को देखकर इन सफेद हाथियों के खरीदार कहां मिलेंगे. बताया जाता है कि एचडीआईएल प्रबंधन अगले कुछ महीनों में यह तय कर लेगा कि उसे लाइव इंडिया न्यूज चैनल अपने पास रखना है या किसी को बेच देना है. अगर उचित खरीदार न मिला तो एचडीआईएल प्रबंधन चैनल को बेहद लो कास्ट के माडल पर ले जाएगा और डिस्ट्रीव्यूशन समेत कई तरह के खर्चों पर पूरी तरह लगाम लगा देगा. एक कमजोर किस्म की चर्चा ये भी है कि एचडीआईएल प्रबंधन लाइव इंडिया के लिए सुधीर चौधरी का विकल्प तलाश रहा है और नए नेतृत्व के आने तक चीजों को यूं ही उलझा कर रखा जाएगा. इन चर्चाओं-अफवाहों में कितना दम है, यह तो वक्त बताएगा. पर हिंदी न्यूज चैनल इंडस्ट्री में लोग यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में लाइव इंडिया रूपी उंट किस करवट बैठता है.

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