खबर है कि मार्केट रेगुलेटर 'सेबी' (सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया) ने 'लाइव इंडिया' नामक न्यूज चैनल, अखबार आदि संचालित करने वाले समूह 'समृद्ध जीवन परिवार' की कंपनी ''समृद्ध जीवन फूड्स'' और इसके निदेशकों को बाजार, जनता और निवेशकों से पैसे उगाहने पर रोक लगा दी है. सेबी की तरफ से निर्देश जारी किया गया है कि 'समृद्ध जीवन' किसी भी तरह की योजना के जरिए जनता से पैसे नहीं लेगी. साथ ही जनता से उठाए गए पैसे व इस पैसे से बनाई गई किसी भी संपत्ति के क्रम-विक्रय या हस्तांतरण पर भी रोक लगा दी गई है.
सेबी की तरफ से इसके सदस्य एस रमन ने समृद्ध जीवन फूड्स इंडिया लिमिटेड और इसके निदेशकों महेश मोटेवार, वैशाली मोटेवार और घनश्याम जसभाई पटेल को ये निर्देश जारी किए और कहा कि कंपनी व इसके निदेशक अब कोई नई स्कीम लांच ना करें और पुरानी स्कीमों से भी पैसे न लें. सेबी के मुताबिक समृद्ध जीवन फूड्स की जांच के दौरान प्राथमिक तौर पर पाया गया है कि यह कंपनी और इसके निदेशक ''कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम्स'' के जरिए फंड मोबलाइजिंग एक्टिविटी में इनवाल्व हैं.
ज्ञात हो कि ये वही चिटफंड कंपनी है जो हाल के दिनों में मीडिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सक्रिय हुई है. इस कंपनी ने लाइव इंडिया न्यूज चैनल, मी मराठी न्यूज चैनल को खरीदा है और इसे संचालित कर रही है. साथ ही लाइव इंडिया मैग्जीन, लाइव इंडिया अखबार की शुरुआत की है. इस कंपनी ने अपने मीडिया वेंचर में देश के कई बड़े पत्रकारों को जोड़ा है. माना जा रहा है कि कंपनी को देर-सबेर उन्हीं स्थितियों से दो-चार होना है जिससे इस समय सहारा समूह सहित कई चिटफंड कंपनियां जूझ रही हैं.
नीचे सेबी का आदेश है, जिसे साफ-साफ पढ़ने के लिए तस्वीर के उपर ही क्लिक कर दें. उसके नीचे सकाल मराठी अखबार में इस बारे में प्रकाशित खबर है…

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