: जुलाई-अगस्त में इस्तीफा देने वालों का हिसाब क्लीयर नहीं : लाइव इंडिया को छोड़कर जाने वाले पुराने कर्मचारी परेशान हैं. तमाम कर्मचारियों का सेलरी, पीएफ और बोनस बकाया है. कंपनी ने आश्वासन दे रखा है पर अब तक मामला क्लीयर नहीं किया गया है. इस बीच लाइव इंडिया तमाम तरह की परेशानियों से घिरा रहा. कभी देश के टॉप टेन चैनलों में शामिल रहा लाइव इंडिया अब दुर्दिन देख रहा है. पर बताया जा रहा है कि एक बार फिर इस चैनल के दिन फिर सकते हैं. बीच में एक न्यूज एजेंसी द्वारा इसे खरीदे जाने की बात सामने आई थी, पर अंत में मामला परवान नहीं चढ़ पाया.
खैर, चैनल अब तक उन लोगों का सेलरी, पीएफ और बोनस क्लीयर नहीं किया है, जो लोग बीते साल जुलाई-अगस्त के बाद इस्तीफा दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि उसके पहले इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का बकाया दे दिया गया है, पर बाद में इस्तीफा देकर जाने वालों को अभी तक पैसे नहीं दिए गए हैं. कर्मचारी परेशान हैं. वे दूसरे जगहों पर काम कर रहे हैं लिहाजा हर रोज लाइव इंडिया के चक्कर लगा पाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है.
हालांकि मैनेजमेंट ने सभी के पैसे क्लीयर करने की बात कही है, पर अब तक बात आगे नहीं बढ़ पाया है. इधर, एक बार फिर चैनल के बिकने की चर्चा सामने आ रही हैं. हालांकि इसके पहले भी एनएनआईएस द्वारा चैनल खरीदे जाने की बात सामने आ रही थी, परन्तु हिडेन कास्ट को लेकर मामला अटक गया था. अब एक बार फिर खबर आ रही है कि मुंबई की किसी कंपनी ने एचआईडीएल से चैनल को खरीद लिया है, लिहाजा सबके पैसे क्लीयर कर दिए जाएंगे.






