Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

सुख-दुख...

लालू यादव से भिड़े मीडियाकर्मी, काफी देर चला वाक्युद्ध

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक जीवन में पांच जून दो कारणों से याद किया जाएगा। पहला इसलिए कि पांच जून को ही जेपी ने संपूर्ण क्रांति की घोषणा की थी और दूसरा इसलिए कि महाराजगंज के लोकसभा उपचुनाव में राजद प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह शानदार जीत भी पांच जून को ही मिली। इसे सत्ता परिवर्तन के लिए सामाजिक क्रांति की शुरुआत कह सकते हैं। बुधवार को वर्षों बाद लालू यादव को राजनीति के मैदान में जबरदस्त सफलता मिली।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक जीवन में पांच जून दो कारणों से याद किया जाएगा। पहला इसलिए कि पांच जून को ही जेपी ने संपूर्ण क्रांति की घोषणा की थी और दूसरा इसलिए कि महाराजगंज के लोकसभा उपचुनाव में राजद प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह शानदार जीत भी पांच जून को ही मिली। इसे सत्ता परिवर्तन के लिए सामाजिक क्रांति की शुरुआत कह सकते हैं। बुधवार को वर्षों बाद लालू यादव को राजनीति के मैदान में जबरदस्त सफलता मिली।

सफलता की आंच इतनी तेज थी कि लालू प्रसाद यादव मीडियाकर्मियों से भिड़ गये या आप यह भी कह सकते हैं कि मीडियकर्मी लालू यादव से भिड़ गए। काफी मान-मनौव्वल के बाद मामला शांत हुआ। बुधवार को लालू यादव के आवास पर दोपहर 11 बजे के बाद से मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था।

चोंगावाले मुंह में चोंगा डालकर उनका बाईट कैद कर चुके थे। लालू यादव भी गपशप के मूड में थे। लालू यादव के सामने चोंगा और कलम के सिपाही बैठकर चर्चा में मशगूल थे। इसी दौरान दो चोंगावाले भाइयों को निशाना साधते हुए लालू यादव ने कहा कि तुम तो नीतीश के सलाहकार हो, थिंक टैंक हो, जाकर उससे पूछो। उसकी प्रतिक्रिया लो।

इस दौरान लालू यादव पर जीत का असर चढ़ता जा रहा था और वे अधिक आक्रमक होते जा रहे थे। अब बारी थी चोंगा वाले भाइयों की। एक पीके शाही के रिश्तेदार बताये जाते हैं तो प्रभुनाथ सिंह के करीबी। वे भी लालू यादव को जबाव देने के मूड में आ गए। बात बढ़ती जा रही थी। इस बीच लालू यादव ने माफी भी मांग ली। जयप्रकाश यादव व शकुनी चौधरी पत्रकारों को मनाने के जुट गए थे। लेकिन कोई असर नहीं हुआ। बात बढ़ती जा रही थी। लालू यादव शेड से उठकर अपने कमरे में चले गए। साथ में मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। वहां भी थोड़ी देर बकझक होने के बाद मामला शांत कराया गया। कमरे में मौजूद एक सूत्र ने बताया कि वहां सबकुछ सामान्य हो गया।

इस घटना में कुछ लोग सामाजिक समीकरणों का गणित भी तलाश रहे हैं। उनका मानना है कि लालू यादव चाहते हैं कि सवर्ण मीडियाकर्मियों का तेवर उनके खिलाफ नकारात्मक बना रहे ताकि उनके आधार वोट में यह मैसेज जाए कि सवर्णों को लालू यादव की वापसी की संभावना पच नहीं रही है।

पटना से वीरेंद्र कुमार यादव की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...