बीते साल की 12 मई को देश की सबसे बड़ी गली क्रिकेट लीग के पुरस्कार वितरण समारोह में जब सिंगर सुखविंदर ने ‘जय हो…अमर उजाला’ गाया, तभी फिजाओं ने मान लिया था कि सामाजिक सरोकारों से युवाओं को जोड़ने की लोकप्रिय समाचार पत्र अमर उजाला की मुहिम रिकॉर्ड बुक में भी चमकेगी।
55 दिनों से ज्यादा चली अमर उजाला-चंडीगढ़ पुलिस गली क्रिकेट लीग (एयू-सीपीजीसीएल) को लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में ‘नेशनल रिकॉर्ड-2013’ के रूप में शामिल किया गया है। इस दौरान चंडीगढ़ के 9469 युवाओं की भागीदारी, 557 टीमों में मुकाबले और ईव टीजिंग जैसी 12 सामाजिक बुराइयों के खिलाफ युवाओं को संकल्प दिलाना गया।
इससे पहले अमर उजाला-चंडीगढ़ पुलिस के इस सबसे बड़े कम्युनिटी कनेक्ट आयोजन को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया जा चुका है। लड़कों की विजेता टीम को चमचमाती ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपये नकद पुरस्कार दिए गए जबकि लड़कियों की विजेता टीम को 51 हजार रुपये दिए गए। चंडीगढ़ में 25 मार्च, 2012 को टीमों के चयन, फिर किट वितरण और प्री नॉक आउट दौर से लेकर फाइनल तक करीब दो महीने चली अमर उजाला गली क्रिकेट लीग ने पूरे रीजन में जोश भरा। ऐसा जोश भरा कि हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हिमाचल के तत्कालीन सीएम प्रेम कुमार धूमल और पंजाब के राजस्व व जनसंपर्क मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने खुद आकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी हों या ‘बिट्टू बॉस’ फिल्म के हीरो-हीरोइन। एयू-सीपीजीसीएल के दौरान जो भी शख्सियत चंडीगढ़ आई, उसने मैदान पर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। अमर उजाला की इस लीग का असर ही था कि समापन समारोह में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के तत्कालीन कार्यवाहक चीफ जस्टिस एमएम कुमार ने मंच पर कविता सुनाई। अभिनेत्री किरण खेर ने लड़कियों की टीम से कहा कि उन्हें आज शहर की बेटी होने पर गर्व हुआ है। पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री और आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ल तो युवाओं के जोश पर ऐलान करके गए थे कि अमर उजाला-सीपीजीसीएल के होनहारों की प्रतिभा को चयनकर्ता भी परखेंगे। (अमर उजाला)