ज्ञानपुर-भदोही। पहले गुंडा एक्ट, जिलाबदर, कमरे का ताला तोड़वाकर लाखों की गृहस्थी लूट, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चौपट और अब जान का खतरा. यह रामकहानी वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी की है. आरोप है कि सब कुछ बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के साजिश में हो रहा है. अनर्गल तरीके से दर्ज मुकदमों पर हाईकोर्ट की रोक के बावजूद गिरफ्तार कर सरेराह मारने-पीटने वाले कोतवाल को तो हटा दिया गया लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. लूट के आरोपी खुलेआम पुलिस संरक्षण में घूम रहे हैं. पीड़ित पत्रकार ने सूबे के मुख्यमंत्री, प्रमुख गृह सचिव, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री समेत केन्द्रीय गृहमंत्री और उच्च न्यायालय इलाहाबाद में प्रार्थना पत्र देकर जान-माल के सुरक्षा की गुहार लगाई है.
जौनपुर जिले के रामपुर थानान्तर्गत गोपालापुर गांव निवासी सुरेश गांधी उर्फ सुरेश चन्द्र जायसवाल पुत्र विश्वनाथ प्रसाद जायसवाल पिछले सोलह सालों से मेहीलाल बिल्डिंग, अयोध्यापुरी कालोनी, स्टेशन रोड, भदोही में अपनी पत्नी रश्मि गांधी व दो बच्चों बेटी सेजल व बेटे साहिल के साथ रहते थे. श्री गांधी 1996 से पत्रकारिता से जुडे हैं. वर्तमान में वह टीवी न्यूज चैनल व लखनउ-वाराणसी से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के ब्यूरोचीफ है. श्री गांधी सामाजिक सरोकारों से जुडी खबरों के साथ-साथ गरीब, दलितों व पीड़ितों की आवाज को प्रमुखता से उठाने के अलावा प्रशासनिक व जनप्रतिनिधियों की खामियों को भी उजागर करते रहे हैं.
बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के बालू खनन, सड़कों के निर्माण में धाधली, सरकारी योजनाओं में लूटपाट, माफियाओं से सांठगांठ व भदोही में हुए दंगा व दलित महिला संतोषी बलात्कार कांड की खबरें प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं. खासकर गत वर्ष मुहर्रम पर्व के दौरान भड़की उपद्रव की घटना में प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की खामी व सपा सरकार के गठन बाद बगैर किसी इजाजत विधायक का उन्हीं के आवास धनापुर-भदोही आये सूबे के कबीन मंत्री की मौजूदगी में शतचंडी यज्ञ में शामिल होना और पूर्वांचल के ईनामी अपराधियों व अतीक अहमद की मौजूदगी की खबर एक इलेक्ट्रानिक चैनल में झूमकर चली. श्री गांधी की इन्ही खबरों से कुपित होकर बाहुबली विधायक की साजिश में आकर भदोही के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों ने न सिर्फ फर्जी तरीके से गुण्डा एक्ट लगाकर जिला बदर कर दिया बल्कि कमरे का ताला तोड़वाकर 16 साल से तिनका-तिनका जुटाई गई लाखों की सम्पत्ति व विवाह में मिले सामान व जेवरात आदि लुटवा दिये.
इतने से भी जब मन नहीं भरा तो हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद भी फर्जी मुकदमों में गिरफ्तार कर सरेराह बेइज्जत किया गया. पुलिस दवाब में मकान मालिक के पहले से दर्ज मुकदमें में चार्जशीट लगा दी. श्री गांधी का कहना है कि मकान का ताला तोड़कर लूटपाट करने वाले विनोद गुप्ता व सुमित गुप्ता के खिलाफ तहरीर कोतवाली पुलिस से लेकर मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी, डीआईजी व एसपी को दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी. अब जब सुरेश गांधी व उनकी पत्नी के अलग-अलग प्रार्थना पत्र में जिला न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 156(3) के तहत रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया. मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं.
श्री गांधी ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी दायर याचिका पर पुलिस व प्रशासनिक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाकर डीएम, एसपी व कोतवाल समेत प्रमुख गृह सचिव को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है. राष्ट्रीय मावनाधीकार आयोग के असिस्टेण्ट रजिस्ट्रार(ला) ने पुलिस अधीक्षक संत रविदास नगर भदोही को पत्र भेजकर श्री गॉधी पर हुए उत्पीड़न की कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है. श्री गांधी ने बताया कि साजिश के तहत कोतवाल भदोही संजयनाथ तिवारी ने बिना किसी अपराध के धारा 110 जाब्ता फौजदारी के अन्तर्गत उपजिलाधिकारी को रिपोर्ट दी, जब 23 मार्च 2013 को दोपहर में उन्होंने अपना जवाब दाखिल किया कि पुलिस द्वारा दर्ज कार्यवाही के तीनों मुकदमों मे पुलिस ने खुद फाइनल रिपोर्ट लगाई है या वह न्यायालय से दोषमुक्त हैं, तो कोतवाल ने मकान मालिक विनोद गुप्ता व सुमित गुप्ता निवासी काजीपुर रोड भदोही को साजिश में लेकर रंगदारी मांगने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कर दी. गुण्डाएक्ट की कार्यवाही कर रिपोर्ट डीएम को दी और बगैर मौका दिए जिलाधिकारी ने 9 अप्रैल 2013 को जिला बदर कर दिया. इसी बीच उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 20 मई को जिलाबदर की कार्यवाही पर रोक लगा दी. इसके पूर्व पत्रकार पर जब गुण्डाएक्ट व जिलाबदर के चलते जनपद से बाहर था तो 7 मई 2013 को मकान मालिक ने कमरे का ताला तोड़कर विज्ञापन के 1.5 लाख नगद, जेवर, जरूरी कागजात व तमाम साक्ष्य उठा ले गये. इसकी सूचना पत्रकार की पत्नी रश्मिी गांधी ने कोतवाली से लेकर एसपी तक को दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई. 30 मई 2013 को लूट का प्रार्थना पत्र तैयार कर पहली जून 2013 को सुबह सीजीएम न्यायालय मे 156 (3) जाब्ता फौजदारी के अन्तर्गत याचिका दायर की और सुबह 10 बजे कमरे पर आकर अपनी मौसी के बेटे के शादी मे शामिल होने के लिए रांची चले गये. उसी दिन पुलिस की मौजूदगी में मकान मालिक आदि कमरे का ताला तोड़कर सामान उठा ले गये.

