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वरिष्‍ठ पत्रकार मोहन मिलन का निधन

बांका : वरिष्ठ पत्रकार मोहन मिलन का निधन मंगलवार को हो गया। वे  कुछ समय से बीमार चल रहे थे। इलाज के लिए उन्‍हें भागलपुर के एक निजी चिकित्‍सालय में भर्ती कराया गया था जहां उन्‍होंने आखिरी सांस ली। देर संध्या उनका पार्थिव शरीर बांका स्थित आवास पर लाया गया। जहां उनके अंतिम दर्शन को शुभेच्छुओं की भारी भीड़ लग गई। मोहन मिलन ने 1972 में हिन्दी साप्ताहिक पत्रिका आफत से पत्रकारिता की शुरूआत की थी। उसके बाद वे नवभारत टाइम्स में दस वर्षो तक ब्यूरो प्रमुख रहे। उन्होंने आज व हिन्दुस्तान अखबार में भी जिला प्रभारी के रूप में काम किया। वर्तमान में वे निजी दैनिक समाचार पत्र निकाल रहे थे। वे अपने दो पुत्र व एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

बांका : वरिष्ठ पत्रकार मोहन मिलन का निधन मंगलवार को हो गया। वे  कुछ समय से बीमार चल रहे थे। इलाज के लिए उन्‍हें भागलपुर के एक निजी चिकित्‍सालय में भर्ती कराया गया था जहां उन्‍होंने आखिरी सांस ली। देर संध्या उनका पार्थिव शरीर बांका स्थित आवास पर लाया गया। जहां उनके अंतिम दर्शन को शुभेच्छुओं की भारी भीड़ लग गई। मोहन मिलन ने 1972 में हिन्दी साप्ताहिक पत्रिका आफत से पत्रकारिता की शुरूआत की थी। उसके बाद वे नवभारत टाइम्स में दस वर्षो तक ब्यूरो प्रमुख रहे। उन्होंने आज व हिन्दुस्तान अखबार में भी जिला प्रभारी के रूप में काम किया। वर्तमान में वे निजी दैनिक समाचार पत्र निकाल रहे थे। वे अपने दो पुत्र व एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मोहन मिलन के निधन पर बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, पत्रकारों व राजनीतिज्ञों ने शोक व्यक्त किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि मोहन मिलन का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं विधायक गिरधारी यादव ने कहा कि अपनी लेखनी के माध्यम से वे जीवन भर लोगों को जागृत करते रहे। कांग्रेस के निकेश सिंह सहित अन्य लोगों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बुधवार को उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा।

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