चंडीगढ़। अजीब राग है। हरियाणा सरकार की डीएलएफ-वाड्रा के बीच विवादित डील की जांच कराने में रुचि नहीं है बल्कि इस डील की जांच के आदेश देने वाले आईएएस के हालिया बयान की जांच कराने में ज्यादा रुचि है। हरियाणा सरकार के वरिष्ठ आईएएस डा. अशोक खेमका के बयान पर पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हुड्डा का कहना है कि मामले की जांच होगी, साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि क्या खेमका अपने बयान में सच बोल रहे हैं या नहीं। यानि अब हरियाणा सरकार खेमका के ही जांच में जुट गई है।
हुड्डा पर आरोप है कि जिस अधिकारी अशोक खेमका ने वाड्रा और डीएलएफ की डील को रद्द किया उसका तबादला कर दिया गया। हुड्डा ने कहा कि ट्रांसफर किसी भी तरह की सजा नहीं है। राज्य के मुख्य सचिव इस पूरे मामले की जांच करेंगे। हुड्डा ने सफाई देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार किसी को भी लाभ नहीं पहुंचा रही है। लोगों का कहना है कि हुड्डा के बयान का साफ मतलब यह है कि वह खेमका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जो हुड्डा वाड्रा की डील पर चुप थे, वे अब खेमका को दबाव में लेने के लिए खेमका के बयान की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
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